भारतीय जनता पार्टी की कमान जब से नरेंद्र मोदी और अमित शाह के हाथ में आई तब से भाजपा ने यह सिद्धांत अपना लिया है कि अपने नेताओं पर चाहे कितने भी संगीन आरोप लगें उनका इस्तीफा नहीं कराना है। भाजपा के एक बड़े नेता मीडिया के सामने भी कहा कि भाजपा में इस्तीफे नहीं होते हैं। तभी सवाल है कि अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू का इस्तीफा होगा या नहीं? उनके खिलाफ विपक्ष ने आरोप नहीं लगाया है, बल्कि उनकी सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं।
सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि अरुणाचल प्रदेश सरकार की ओर से पिछले 11 साल में यानी 2015 के बाद से दिए गए सभी ठेकों की जांच की जाए।
आरोप हैं कि अरुणाचल प्रदेश की भाजपा सरकार ने ज्यादातर ठेके मुख्यमंत्री पेमा खांडू के परिवार के लोगों को ही दिए हैं। पेमा खांडू 2016 से राज्य के मुख्यमंत्री हैं। कई ठेके तो उनकी पत्नी को मिले हैं। सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि सरकारी संसाधन निजी संपत्ति नहीं हैं। खांडू के परिजनों को हजारों करोड़ रुपए के ठेके मिलने के आरोप हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को दो हफ्ते में प्रारंभिक जांच शुरू करने और चार महीने में रिपोर्ट देने को कहा है। सवाल है कि जिसके खिलाफ आरोप है अगर वह मुख्यमंत्री बना रहता है तो क्या स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच संभव है? बहरहाल, खांडू पहले कांग्रेस पार्टी में थे। उनके पिता दोरजी खांडू मुख्यमंत्री थे और विमान हादसे में उनकी मौत हो गई थी।
