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विश्व कप से टीम के बाहर होने के बाद कार्लोस क्विरोज ने घाना के कोच का पद छोड़ा

घाना की पहले नॉकआउट मैच में कोलंबिया के खिलाफ 0-1 की हार के साथ फुटबॉल विश्व कप से बाहर होने के बाद टीम के कोच कार्लोस क्विरोज ने अपना पद छोड़ दिया।

रविवार देर रात देश के नाम एक इंस्टाग्राम पोस्ट में क्विरोज ने लिखा हम पूरी तरह से खेल से संतुष्ट होने का दावा नहीं कर सकते लेकिन हम गर्व से कह सकते हैं कि हमने घाना का मान बढ़ाया और फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर ‘ब्लैक स्टार्स’ का सम्मान और विश्वसनीयता फिर से हासिल की।

जब अप्रैल में 73 वर्षीय पुर्तगाली कोच को ओटो एडो की जगह नियुक्त किया गया था तब घाना लगातार चार मैच हार चुका था। विश्व कप से पहले अभ्यास मुकाबलों में घाना को मैक्सिको से हार का सामना करना पड़ा जबकि वेल्स के साथ मैच ड्रॉ रहा।

टीम ने विश्व कप के ग्रुप एल में पनामा पर जीत के साथ टूर्नामेंट की शुरुआत की। ग्रुप के आखिरी मैच में क्रोएशिया से हारने के बावजूद इंग्लैंड के साथ गोल रहित ड्रॉ खेलने के कारण टीम ने तीसरे स्थान पर रहने वाली सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक के रूप में नॉकआउट में प्रवेश किया।

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कोलंबिया के खिलाफ टीम केवल आठ शॉट ही गोल की ओर लगा पाई लेकिन इसमें से कोई भी गोल के अंदर नहीं गया। क्विरोज ने लिखा जिदगी की तरह फुटबॉल भी हमें कभी नहीं बदलने वाला सबक सिखाता है: या तो आप जीतते हैं या आप सीखते हैं।

उन्होंने कहा हमने जो हासिल किया उसे देखते हुए मैं इस सफर को गर्व के साथ छोड़ रहा हूं। ऊंचे स्तर तक पहुंचना कभी मंजिल नहीं होनी चाहिए बल्कि यह और भी बड़ी महत्वाकांक्षाओं की शुरुआत होनी चाहिए।

ऐसा लगा कि उन्होंने टीम का समर्थन करने के लिए पर्याप्त काम नहीं करने के लिए घाना फुटबॉल संघ को दोषी ठहराया।

क्विरोज ने लिखा ब्लैक स्टार्स का भविष्य सिर्फ मैदान पर नहीं बनेगा। ब्लैक स्टार्स की सफलता मैदान के बाहर से शुरू होनी चाहिए जिसमें घाना की असाधारण फुटबॉल प्रतिभा को तैयार करने, सुरक्षित रखने और विकसित करने के लिए सबसे अच्छा माहौल बनाया जाए।

Pic Credit : ANI

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