क्रिकेटर भुवनेश्वर कुमार ने खेल में तकनीकी के महत्व काे देखते हुए आईआईटी दिल्ली के ‘फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर’ (एफआईटीटी) में निवेशक के रूप में अपने सफर की शुरुआत की।
नई दिल्ली में एफआईटीटी-आईआईटी दिल्ली कैंपस में ‘एफआईटीटी फॉरवर्ड’ का दूसरा एडिशन शुरू हुआ। दो दिन चलने वाला यह समिट गुरुवार तक चला। उद्घाटन के दिन सुबह क्रिकेट स्टार और निवेशक भुवनेश्वर कुमार और ‘एंटरप्रेन्योर इंडिया एंड एपीएसी’ के एडिटोरियल डायरेक्टर सचिन मार्या के बीच बातचीत हुई।
इस अवसर पर भुवनेश्वर कुमार ने कहा खेलों में टेक्नोलॉजी के लिए बहुत गुंजाइश है। इसने मुझे ज़िंदगी में बहुत कुछ सिखाया है, खासकर तब जब मैं चोटिल था और स्टेडियम नहीं जा पाता था। आज मैं यहां एक निवेशक के तौर पर हूं, न कि एक खिलाड़ी के तौर पर। मेरा मानना है कि खेलों में टेक्नोलॉजी की बहुत संभावनाएं हैं और इसीलिए मैंने एक निवेशक के तौर पर अपना सफर शुरू करने का फैसला किया।
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प्रो विवेक बी बुवा ने कहा एफआईटीटी नई तकनीक बनाने, टेक्नोलॉजी की लाइसेंसिंग और स्टार्टअप्स पर ध्यान देता है। आईटीटी दिल्ली उन युवा एंटरप्रेन्योर्स के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने पर ध्यान देता है जो टेक की दुनिया में आने के लिए प्रेरित हैं। यह उन्हें सही इकोसिस्टम, संसाधन और सपोर्ट देता है ताकि वे अपने आइडिया को प्रैक्टिकल इनोवेशन में बदल सकें और आखिर में सफल बिजनेस बना सकें।
आईआईटी के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी ने कहा भारतीय इनोवेशन की अगली लहर किसी एक सेक्टर या टेक्नोलॉजी से तय नहीं होगी-यह रिसर्च, एंटरप्रेन्योरशिप, कैपिटल और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के मेल से उभरेगी। भारत का इनोवेशन इकोसिस्टम तब सबसे मजबूत होगा जब आइडिया आसानी से लैब और फील्ड से फैक्ट्री, मार्केट और आखिरकार दुनिया तक पहुंच सकें।
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