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इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ जॉन टर्नर ने सिर्फ़ 25 साल की उम्र में लिया क्रिकेट से संन्यास

हैंपशायर और इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ जॉन टर्नर ने सिर्फ़ 25 साल की उम्र में पेशेवर क्रिकेट से संन्यास लेकर सबको चौंका दिया है। टर्नर ने 2024 में इंग्लैंड के लिए लिए दो वनडे और दो टी 20 खेलते हुए तीन विकेट लिए थे।

साउथ अफ़्रीका के जोहानसबर्ग में जन्मे टर्नर का हैंपशायर के साथ कॉन्ट्रैक्ट अभी दो साल के लिए बाक़ी था। उनके पास पिछले साल के आख़िर तक ईसीबी का डेवलपमेंट कॉन्ट्रैक्ट भी था। उन्होंने 2024 के आख़िर में इंग्लैंड के वेस्टइंडीज़ दौरे पर दो वनडे और दो टी 20 खेले थे। घरेलू क्रिकेट के सभी प्रारूपों में भी उनका रिकॉर्ड काफ़ी प्रभावशाली है और उन्होंने 19 लिस्ट ए मैचों में 37, जबकि 35 टी 20 मैचों में 48 विकेट लिए हैं।

पिछले साल जून में हुए पीठ में स्ट्रेस फ़्रैक्चर के कारण वह कोई भी मैच नहीं खेल पाए थे। टर्नर ने कहा कि लगातार चोटों से जूझने के कारण ही उन्होंने पेशेवर क्रिकेट छोड़ने का कठिन फ़ैसला लिया। एक्सेटर यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स और फ़ाइनेंस में ग्रेजुएट टर्नर ने कहा कि अब उनके जीवन में “अगली चुनौती अपनाने का यही सही समय” है।

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टर्नर ने एक बयान में कहा, “पेशेवर और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना हमेशा मेरा सपना था। हैंपशायर और इंग्लैंड के लिए खेलना, मेरे बचपन के उन्हीं सपनों को जीने जैसा रहा। हालांकि, मैंने अब क्रिकेट से संन्यास लेने का फ़ैसला किया है और जैसा कि आप समझ सकते हैं, यह मेरे जीवन के सबसे कठिन फ़ैसलों में से एक रहा है। स्ट्रेस फ़्रैक्चर ने मुझे एक साल से अधिक समय तक मैदान से बाहर रखा और मुझे क्रिकेट व क्रिकेट के बाहर अपने भविष्य के बारे में सोचने पर मजबूर किया। इसके बाद मैंने तय किया कि अब जीवन की अगली चुनौती अपनाने का यही सही समय है।

उन्होंने कहा, “क्लब ने मुझ पर जो भरोसा जताया और जो मौक़े दिए, उसके लिए मैं उनका जितना धन्यवाद करूं, कम है। पिछले कुछ वर्षों में मैंने जितना कुछ हासिल किया, उसकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। क्लब के सभी लोगों के सहयोग के बिना यह संभव नहीं हो पाता।

टर्नर ने साउथ अफ़्रीका के प्रतिष्ठित हिल्टन कॉलेज में पढ़ाई की थी, लेकिन अपनी अंग्रेज़ मां की बदौलत मिले ब्रिटिश पासपोर्ट के कारण वह विश्वविद्यालय की पढ़ाई के लिए ब्रिटेन चले गए। 2021 में सफल ट्रायल के बाद वह हैंपशायर से जुड़े और द हंड्रेड में शानदार प्रदर्शन के बाद 2023 में पहली बार इंग्लैंड की टीम में चुने गए।

हालांकि, वह हैंपशायर की काउंटी चैंपियनशिप टीम में अपनी जगह पक्की नहीं कर सके। उन्होंने टीम के लिए केवल सात प्रथम श्रेणी मैच खेले, जबकि 2025 की शुरुआत में लोन पर लंकाशायर के लिए तीन मुक़ाबले खेले। लेकिन इसके बाद चोटों ने फिर उनका पीछा नहीं छोड़ा।

Pic Credit : ANI

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