हांगकांग (चीन) में आयोजित 22वीं एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप की डेकाथलॉन इवेंट में 18 वर्षीय राहुल जाखड़ ने भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता। 10 इवेंट्स की इस कठिन प्रतियोगिता में राहुल ने 7,185 अंकों के साथ पोडियम में शीर्ष स्थान हासिल करते हुए अंडर-20 श्रेणी में भारत का नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया।
यह सिर्फ राहुल के लिए ही नहीं, बल्कि भारतीय एथलेटिक्स के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि है। इस प्रदर्शन के साथ राहुल एशिया के टॉप अंडर-20 डेकाथलीट बन गए हैं; उन्होंने वैश्विक क्रम में भी टॉप-8 खिलाड़ियों में स्थान हासिल किया है।
राहुल मूलत: राजस्थान के सीकर जिले से हैं। करीब 30 साल पहले परिवार गुजरात के वलसाड जिले के वापी में बस गया, जहां उनके पिता कन्स्ट्रक्शन का बिजनेस करते हैं।
इस उपलब्धि पर राहुल ने कहा, “मेरी समग्र यात्रा में मुझे मार्गदर्शन और सहयोग देने वाले मेरे सभी कोच का मैं आभारी हूं। गुजरात सरकार ने खिलाड़ियों को उत्तम सुविधाएं और अवसर प्रदान किए हैं। अब मेरा सपना कॉमनवेल्थ गेम्स तथा ओलंपिक्स में भारत का प्रतिनिधित्व करना है, जिसके लिए मैं लगातार मेहनत करता रहूंगा।
उप मुख्यमंत्री एवं खेल-कूद मंत्री हर्ष संघवी ने राहुल को बधाई देते हुए कहा कि उनकी मेहनत तथा राज्य सरकार द्वारा खेल-कूद क्षेत्र में किए गए निवेश के परिणामस्वरूप ऐसी प्रतिभाएं विकसित हो रही हैं।
हर्ष संघवी ने कहा, “मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए मजबूत खेल-कूद ढांचा और विश्व स्तरीय सुविधाएं विकसित की हैं। युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए हर संभव अवसर देने का हमारा संकल्प है। राहुल की उपलब्धि इन्हीं प्रयासों का परिणाम है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 के आयोजन के लिए गुजरात में जारी तैयारियों के हिस्से के रूप में विश्व स्तरीय खेल-कूद सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जो भविष्य के खिलाड़ियों के फायदेमंद साबित होंगी।
कोच के अनुसार, राहुल की यह सफलता वर्षों की मेहनत, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, विशेषज्ञ मार्गदर्शन तथा गुजरात में विकसित हो रहे खेल-कूद के मजबूत ढांचे का परिणाम है।
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राहुल की उपलब्धि का महत्व समझाते हुए उनके एक्सपर्ट एथलेटिक कोच शिवम उपाध्याय ने कहा कि डेकाथलॉन एथलेटिक्स की सबसे कठिन स्पर्धाओं में एक मानी जाती है, जिसमें खिलाड़ी को 100 मीटर दौड़, लंबी कूद, शॉटपुट, ऊंची कूद, 400 मीटर दौड़, 110 मीटर हर्डल्स, डिस्क्स थ्रो, पोल वोल्ट, जेवलीन थ्रो तथा 1,500 मीटर दौड़ सहित कुल दस इवेंट में श्रेष्ठ प्रदर्शन करना पड़ता है।
उन्होंने कहा, “राहुल ने 7,185 अंक अर्जित कर रेकॉर्ड ब्रेकिंग प्रदर्शन किया है और गोल्ड जीता है। अब अंडर-20 श्रेणी में भारत का नेशनल रिकॉर्ड उनके नाम पर है।
राहुल ने हाल ही में 11वीं क्लास पास की है। वह इस समय स्पोर्ट्स ऑथोरिटी ऑफ गुजरात (एसएजी) के नडियाद स्थित हाई-परफॉर्मेंस सेंटर (एचपीसी) में प्रशिक्षण ले रहे हैं, जहां उन्हें अत्याधुनिक कोचिंग का सहयोग मिल रहा है।
नडियाद स्थित एचपीसी गुजरात के अग्रगण्य खेल-कूद संस्थानों में एक है। इस आवासीय केंद्र में 200 से अधिक खिलाड़ियों को विभिन्न खेलों में विशेष कोचिंग, स्पोर्ट्स साइंस सहायता और अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
राहुल की एथलेटिक्स की यात्रा एक अप्रत्याशित संयोग से शुरू हुई थी। कुछ साल पहले वे अपने पिता के साथ वापी में शाम को घूमने के लिए निकले थे, तब उन्होंने स्थानीय मैदान में कुछ खिलाड़ियों को प्रशिक्षण लेते देखा। उत्सुकतावश उन्होंने पूछा कि वे लोग क्या कर रहे हैं।
राहुल जाखड़ ने बताया, “मैदान में दोड़ रहे लोगों ने मुझसे कहा कि वे इवेंट की तैयारी करने वाले एथलीट्स हैं। अगले ही दिन मैं भी उसी मैदान में दौड़ने लगा, क्योंकि मुझे एथलीट बनना था।
इसके बाद राहुल ने अपने स्कूल की तरफ से खेल महाकुंभ में हिस्सा लिया और लंबी कूद में गोल्ड जीता। इस जीत ने उनके मन में एथलेटिक्स के प्रति उत्साह जगाया और उन्होंने इसी क्षेत्र में आगे बढ़ने का दृढ़ संकल्प किया।
राहुल जाखड़ ने अपने एथलेटिक्स करियर की शुरुआत बनासकांठा जिले के गढ में स्थित डिस्ट्रिक्ट लेवल स्पोर्ट्स स्कूल (डीएलएसएस) में कोच विपुल चौधरी के मार्गदर्शन में की थी। उनकी प्रतिभा को पहचान कर साल 2024 में उनका नडियाद स्थित एचपीसी में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण के लिए चयन किया गया।
कोच शिवम उपाध्याय, धर्मेंद्र प्रधान और सतेश उपाध्याय के मार्गदर्शन में राहुल ने डेकाथलॉन और अन्य संयुक्त इवेंट्स में लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए एक शानदार एथलीट के रूप में अपनी पहचान बनाई।
Pic Credit : ANI
