नई दिल्ली। अगले महीने होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दोनों भारत आ सकते हैं। रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने तो मॉस्को में विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात में इसके स्पष्ट संकेत दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जल्दी मुलाकात की उम्मीद जताई। जानकार सूत्रों के मुताबिक शी जिनपिंग ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। गौरतलब है कि भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल इस समय चीन के दौरे पर गए हैं। वे सीमा विवाद पर वार्ता के लिए चीन के अधिकृत प्रतिनिधि व विदेश मंत्री वांग यी से 25वें दौर की वार्ता करेंगे।
बहरहाल, बताया जा रहा है कि चीन के राष्ट्रपति 12 और 13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। उनके साथ एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी भारत आने की खबर है। जानकार सूत्रों के मुताबिक ब्रिक्स सम्मेलन से इतर राष्ट्रपति शी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दोपक्षीय वार्ता हो सकती है। अगर राष्ट्रपति शी भारत आते हैं तो यह सात साल बाद उनकी यात्रा होगी। इससे पहले वे 2019 में भारत आए थे।
इस बीच चीन के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा है, ‘हम ब्रिक्स को बहुत महत्व देते रहे हैं और सक्रियता से हिस्सा लेते रहे हैं। हम भारत का भी समर्थन करते हैं, जो इस साल ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। हम भारत की सफलता की कामना करते हैं’। बताया जा रहा है कि चीन के राष्ट्रपति की एडवांस सुरक्षा टीम तैयारियों का जायजा ले रही है और दिल्ली में उनके ठहरने के लिए होटल आदि के बारे में जानकार ली जा रही है। इससे भी अंदाजा लग रहा है कि वे भारत का दौरा करेंगे।
उधर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे का संकेत दिया है। मॉस्को में सोमवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात के दौरान पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जल्दी मुलाकात की उम्मीद जताई। पुतिन और जयशंकर ने भारत और रूस के संबंधों और आपसी सहयोग को लेकर भी चर्चा की। इससे पहले जयशंकर रविवार को मॉस्को पहुंचे थे। उन्होंने सोमवार की मुलाकात के दौरान पुतिन से कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ब्रिक्स सम्मेलन के लिए पुतिन का भारत में स्वागत करेंगे। दोनों नेताओं की सालाना बैठक भी जल्द होगी।
जयशंकर ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी किर्गिस्तान में होने वाली शंघाई सहयोग संगठन यानी एससीओ के शिखर सम्मेलन में उनसे मिलने का इंतजार कर रहे हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि इस साल रूस और भारत के बीच कारोबार बढ़ा है। उन्होंने कहा कि रूस और भारत के बीच दशकों से मजबूत रिश्ते बने हुए हैं। दोनों देश व्यावहारिक तौर पर लगभग सभी क्षेत्रों में अपना सहयोग जारी रखे हुए हैं। जयशंकर ने सोमवार को मॉस्को में रूस के उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत व रूस के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग को और बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।
