अरुणाचल प्रदेश सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस को मज़बूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘ई भविष्य’ पेंशन मंज़ूरी और ट्रैकिंग सिस्टम’ शुरू किया है।
यह एक कागज रहित प्लेटफ़ॉर्म है जिसे पेंशन प्रोसेस को आसान बनाने और सरकारी कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले लाभ समय पर पहुँचाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
यह पहल मुख्यमंत्री पेमा खांडू की उस सोचसेाच के अनुरूप है जिसमें तकनीक के ज़रिए पारदर्शी, कुशल और नागरिक-केंद्रित सरकार को बढ़ावा देने की बात कही गयी है। इसके साथ ही, नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) ने 29 से 31 जुलाई तक यहाँ सिविल सचिवालय में तीन दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया। इस प्रशिक्षण में तीन बैचों में 25 पायलट विभागों को शामिल किया गया और विभागीय अधिकारियों को नए डिजिटल पेंशन सिस्टम को लागू करने के लिए ज़रूरी जानकारी दी गयी।
एनआईसी द्वारा ऑडिट और पेंशन विभाग के लिए विकसित ईभविष्य एप्लीकेशन, पेंशन मामलों की प्रोसेसिंग और मंज़ूरी के लिए एक सुरक्षित एंड-टू-एंड प्लेटफ़ॉर्म है। अरुणाचल प्रदेश में इसे लागू करने का काम एनआईसी अरुणाचल प्रदेश स्टेट सेंटर के सीनियर डायरेक्टर यागुरु लिंग्गी की देखरेख में हो रहा है, जिन्हें स्टेट सेंटर की टीम से तकनीकी सहायता मिल रही है।
यह एप्लिकेशन पूरी पेंशन प्रक्रिया को डिजिटल बनाती है, जिससे सेवानिवृत्त होने वाले सरकारी कर्मचारियों को उनके पेंशन पेमेंट ऑर्डर (पीपीओ) और सेवानिवृत्ति के अन्य लाभ समय पर, पारदर्शी तरीके से और बिना कागज़ के इस्तेमाल के मिल पाते हैं। इससे देरी कम होने, कागज़ी काम घटने, इंसानी गलतियों को रोकने और पेंशन मामलों की रियल-टाइम निगरानी करने की उम्मीद है।
Also Read : ‘बंटवारा 1947’ के प्रमोशन के लिए पहली बार पटना आएंगे सनी देओल
प्रशिक्षण के दौरान, एनआईसी अरुणाचल प्रदेश स्टेट सेंटर के डायरेक्टर (आईटी) पीके थुंगोन ने नये सिस्टम के तहत लागू करने का रोडमैप, समय-सीमा और स्टेकहोल्डर्स की ज़िम्मेदारियों के बारे में बताया। उन्होंने डिजिटल वर्कफ़्लो के बारे में बताया, जिसके तहत ऑफिस का मुख्यिा सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों की ऑनबोर्डिंग शुरू करता है, और उसके बाद पेंशन प्रपोज़ल को ऑनलाइन जमा करना, जांच-पड़ताल, वेरिफिकेशन और मंज़ूरी के लिए डायरेक्टरेट ऑफ़ ऑडिट एंड पेंशन को इलेक्ट्रॉनिक रूप से भेजना शामिल है।
श्री थुंगोन ने कहा कि यह प्लेटफ़ॉर्म पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यक्षमता को बढ़ाएगा, साथ ही सुरक्षित डिजिटल रिकॉर्ड मैनेजमेंट, ऑटोमेटेड अलर्ट, रोल-बेस्ड एक्सेस कंट्रोल और पेंशन आवेदनों की ऑनलाइन ट्रैकिंग की सुविधा भी देगा। भागीदारों को कर्मचारी ऑनबोर्डिंग, यूज़र रजिस्ट्रेशन, पेंशन फ़ॉर्म जमा करने, ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने, प्रपोज़ल की जांच-पड़ताल, वर्कफ़्लो मैनेजमेंट और एप्लीकेशन ट्रैकिंग की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी गयी।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम एनआईसी की क्रियांवयन टीम ने चलाया, जिसमें वरिष्ठ निदेशक (आईटी) पीके थुंगोन, संयुक्त निदेशक (आईटी) बिमल चंद्र बोराह और टेक्निकल सपोर्ट एग्जीक्यूटिव अनुराग घोष और इंद्रजीत बोराह शामिल थे।
अधिकारियों ने कहा कि इस प्रोग्राम का सफलतापूर्वक पूरा होना राज्य की डिजिटल गवर्नेंस यात्रा में एक अहम पड़ाव है। जब ई भविष्य सिस्टम को सभी सरकारी विभागों में लागू कर दिया जाएगा, तो उम्मीद है कि इससे पेंशन मामलों का तेज़ी से निपटारा होगा, प्रशासनिक कामकाज बेहतर होगा और सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को पेंशन मंज़ूरी की एक आसान और पारदर्शी प्रक्रिया मिलेगी।
Pic Credit : ANI
