ओडिशा सरकार ने चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के संभावित प्रभाव और भारी बारिश की आशंका से निपटने के लिए अपनी तैयारियों को तेज करते हुए राज्य के आठ जिलों को हाई अलर्ट पर रख दिया है।
जिन आठ जिलों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, उनमें गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट, मलकानगिरी, नबरंगपुर, नुआपाड़ा और कालाहांडी शामिल हैं। इन क्षेत्रों में भारी बारिश और प्रतिकूल मौसम की संभावना जताई गई है। राज्य सरकार ने ‘शून्य जनहानि’ के लक्ष्य को अपनाते हुए आपदा प्रतिक्रिया टीमों को तैनात कर दिया है, चक्रवात आश्रय स्थलों को तैयार रखा है और मानव जीवन तथा संपत्ति के नुकसान को कम करने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ा दिया है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इन आठ जिलों के संवेदनशील इलाकों में 48,010 लोगों की पहचान की गई है, जबकि उन्हें ठहराने के लिए 466 आश्रय स्थलों को तैयार रखा गया है। सरकार ने आपदा प्रबंधन उपायों को मजबूत करने के लिए 19 करोड़ रूपये की राशि जारी की है।
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आपातकालीन स्थितियों में त्वरित राहत कार्य सुनिश्चित करने के लिए संवेदनशील जिलों में विशेष आपदा प्रतिक्रिया बलों और अग्निशमन सेवा के जवानों को तैनात किया गया है।
यहाँ राजीव भवन स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में विशेष राहत आयुक्त और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि प्रशासन आने वाले चक्रवात से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने लोगों से शांत रहने, आधिकारिक सलाह का पालन करने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों का सहयोग करने का आग्रह किया।
राज्य सरकार ने जिला प्रशासन को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि संवेदनशील इलाकों से आने वाले लोगों को ठहराने के लिए सभी चक्रवात आश्रय स्थल पूरी तरह तैयार रहें। जमीनी स्तर से लेकर राज्य स्तर तक तैयारियों को सख्त कर दिया गया है, जिसमें समय पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना, आपातकालीन प्रतिक्रिया और जीवन-संपत्ति की सुरक्षा शामिल है।
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