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केरल दौरे पर पहुंचे राहुल गांधी

Nilgiris [Tamil Nadu], Jan 13 (ANI): Lok Sabha LoP Rahul Gandhi speaks during the Golden Jubilee Celebrations of St Thomas English High School at Gudalur, in Nilgiris on Tuesday. (AICC/ANI Photo)

केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी दिवसीय दौरे पर पहुंचे हैं। राहुल गांधी ने शुक्रवार को नव केरल यात्रा के तहत कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। ऐसे में केरल में कांग्रेस द्वारा ‘गारंटी’ की घोषणा की संभावना जताई जा रही है।

नव केरल यात्रा के समापन समारोह में राहुल गांधी केरल के लिए कांग्रेस की कुछ गारंटियों की घोषणा कर सकते हैं। लगभग 3-4 प्रमुख गारंटियों की घोषणा की जाएगी। ये गारंटियां महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और युवाओं सहित प्रमुख सामाजिक समूहों के लिए प्रत्यक्ष लाभों पर केंद्रित होंगी। ये गारंटियां कर्नाटक और तेलंगाना में लागू किए गए मॉडल की तर्ज पर तैयार की जा रही हैं। इन राज्यों में गारंटियों के सफल कार्यान्वयन और जनहित ने केरल में भी इसी तरह का ढांचा लागू करने के लिए पार्टी के आत्मविश्वास को मजबूत किया है। अतिरिक्त प्रतिबद्धताओं को रेखांकित करने वाला विस्तृत चुनावी घोषणापत्र आने वाले दिनों में जारी किया जा सकता है।

इसी बीच लोकसभा सांसद राहुल गांधी ने कोल्लम में महात्मा गांधी की शिवगिरि मठ यात्रा की 100वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित जनसभा को संबोधित किया, जहां उन्होंने श्री नारायण गुरुदेवन से मुलाकात की थी।

राहुल गांधी ने कहा, “संविधान में क्षमा है, नारायण गुरुजी में क्षमा है। वास्तव में, मैं सोच रहा था कि अगर नारायण गुरुजी और महात्मा गांधीजी एक ही कमरे में आकर बैठ जाएं और कुछ न कहें, तब भी वे एक-दूसरे को समझ जाएंगे। क्योंकि वे जिस विषय पर चर्चा कर रहे हैं वह सत्य है और सत्य सरल है, उसमें कुछ भी जटिल नहीं है।

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राहुल गांधी ने कहा, “वर्तमान समय में राजनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंध ज्ञान से दूर, अंधकार की ओर बढ़ रहे हैं। चाहे राजनीति हो या अंतरराष्ट्रीय संबंध, दूसरे व्यक्ति को समझने का कोई प्रयास नहीं किया जाता और असहमति के मामलों में हिंसा का सहारा लिया जाता है।

राहुल गांधी ने आगे कहा, “आज हम अपनी राजनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में देखते हैं कि हर कोई अंधकार की ओर बढ़ रहा है और ज्ञान से दूर जा रहा है। दूसरे व्यक्ति को समझने का कोई प्रयास नहीं किया जाता, बस बम गिराकर मार डाला जाता है।

उन्होंने आरोप लगाया, “हमारे यहां की राजनीति में भी यही हाल है। अगर आप किसी से सहमत नहीं होते, तो आप उस पर हमला करते हैं या उसके प्रति हिंसक हो जाते हैं।

उन्होंने कहा कि गांधी और नारायण गुरु दोनों ही इस तरह की हिंसा के खिलाफ थे और लोगों के बीच प्रेम, सम्मान, क्षमा और समझदारी की वकालत करते थे।

Pic Credit : ANI

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