प्रकृति ने पोषक तत्वों से भरपूर ऐसी कई फल-फूल व सब्जियां दी हैं, जो स्वाद में लाजवाब होने के साथ ही सेहत के लिए अनगिनत फायदों से भरे होते हैं। आयुर्वेद फाइबर, विटामिन सी समेत अन्य औषधीय गुणों से भरपूर कटहल के सेवन की सलाह देता है।
बिहार सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग कटहल या जैकफ्रूट के बारे में विस्तृत जानकारी देता है। विभाग का कहना है कि कटहल न सिर्फ पोषक तत्वों से भरपूर है बल्कि स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी भी है। इसके फलों का उपयोग न केवल अच्छे पोषण को बढ़ावा देता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
बिहार सरकार के अनुसार, कटहल का पेड़ न सिर्फ स्वास्थ्य के लिए उपयोगी है बल्कि स्थानीय आजीविका को भी मजबूत बनाता है। कटहल की खेती से किसानों को अच्छी आय हो सकती है। यह पेड़ पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक है क्योंकि यह बड़े पैमाने पर ऑक्सीजन देता है और मिट्टी को उपजाऊ बनाए रखता है।
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कटहल का वैज्ञानिक नाम आर्टोकार्पस हेटरोफिलस है। यह एक मध्यम आकार का सदाबहार पेड़ है। इसकी सबसे बड़ी पहचान इसका बड़ा फल है, जिसकी बाहरी सतह छोटी-छोटी सुई जैसी नोकों से ढकी होती है। कटहल का फल न सिर्फ स्वादिष्ट होता है बल्कि पोषण का खजाना भी है। कटहल विटामिन सी का बेहतरीन स्रोत है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है और संक्रमण से बचाता है। इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो पाचन तंत्र को सुधारकर कब्ज की समस्या दूर करता है और पेट को स्वस्थ रखता है।
इसके अलावा, कटहल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखने में मदद करते हैं। कटहल का सेवन करने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और थकान कम होती है। यह फल वजन नियंत्रण में भी सहायक है क्योंकि इसमें कैलोरी कम होती है और फाइबर ज्यादा होता है। कटहल के फल के साथ-साथ इसके बीज भी अत्यंत पौष्टिक होते हैं। बीजों को उबालकर या भूनकर खाया जा सकता है, जो प्रोटीन का अच्छा स्रोत है।
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