नई दिल्ली। ईरान में अयातुल्ला अली खामेनाई शासन के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों के ऊपर सुरक्षा बलों की कार्रवाई हिंसक हो गई है। सुरक्षा बलों की फायरिंग और अन्य दमनकारी कार्रवाइयों में कम से कम 544 लोगों की मौत हो गई है। इसके बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि प्रदर्शनकारियों के ऊपर कार्रवाई में ईरान में रेड लाइन पार कर रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका इसे रोकने के लिए कड़े उपायों पर विचार कर रहा है। गौरतलब है कि एक दिन पहले सुरक्षा बलों ने ईरान पर हमले के विकल्पों का एक प्रेजेंटेशन राष्ट्रपति ट्रंप को दिया था।
दूसरी ओर ईरान का कहना है कि प्रदर्शन अपने आप नहीं हो रहे हैं, बल्कि एक साजिश के तहत इन्हें कराया जा रहा है। उसके विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मौजूदा हालात को आतंकी युद्ध बताया है। उन्होंने सोमवार को कहा कि ईरान में इस समय जो कुछ हो रहा है, वो एक आतंकी युद्ध है। अराघची ने कहा, ‘इस हिंसा में शामिल आतंकी तत्वों ने सरकारी इमारतों, पुलिस थानों और कारोबार से जुड़ी जगहों पर हमले किए हैं। ये घटनाएं प्लानिंग के साथ की गई हैं’।
ईरान के विदेश मंत्री ने यह भी दावा किया कि ईरानी अधिकारियों के पास ऐसे ऑडियो रिकॉर्ड मौजूद हैं, जिनमें आतंकियों को आम नागरिकों और सुरक्षा बलों पर गोली चलाने के आदेश दिए गए हैं। इससे पहले अराघची ने प्रदर्शनकारियों पर पुलिसवालों को मारने और जिंदा जलाने का आरोप लगाया था। उन्होंने इसे इजराइली की खुफिया एजेंसी मोसाद की साजिश बताते हुए हमले का वीडियो भी शेयर किया था। इस बीच खबर है कि ईरान की हिंसा में अब तक 544 लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें आठ बच्चे भी शामिल हैं। वहीं, 10 हजार से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है।
