संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि कांग्रेस को छोड़कर सभी प्रमुख दल सदन में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं, सिर्फ कांग्रेस ही इसमें बाधा डाल रही है।
श्री रिजिजू ने सदन में नीट पेपर लीक तथा विद्यार्थियों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के बीच कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए तैयार है। सभापति से बात कर समय तय किया जायेगा और कोई भी चर्चा नियमानुसार ही होगी।
उन्होंने कहा कि सभी प्रमुख दलों के नेताओं से बातचीत की गयी है। सभी चाहते हैं कि चर्चा हो, लेकिन कांग्रेस इसके लिए तैयार नहीं है, जबकि वह इसकी मांग करती रही है। कांग्रेस के सदस्य मांग करते हैं और फिर नारेबाजी और शोर-शराबा करने लगते हैं।
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सदन के नेता जगत प्रकाश नड्डा ने संसदीय कार्य मंत्री की बातों से सहमति व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस का लोकतंत्र में विश्वास ही नहीं है।
सदन में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि उनकी पार्टी भी चर्चा चाहती है लेकिन पहले शिक्षा मंत्री का इस्तीफा होना चाहिये। इसके बाद ही निष्पक्ष चर्चा हो सकती है।
इस बीच उपसभापति हरिवंश ने सदन को सूचित किया कि नियम 267 के तहत चर्चा कराने के प्रस्ताव नियमानुसार नहीं पाये गये हैं, इसलिए उन्हें अस्वीकार कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस नियम के तहत चर्चा विरल परिस्थिति में ही करायी जाती है। इस पर द्रमुक के तिरुची शिवा ने कहा कि यह विरल मामला ही है।
इसी दौरान शोर-शराबा तेज हो गया और उपसभापति ने सदन की कार्यवाही अपराह्न तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
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