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ईरान से लड़ना नहीं चाहता अमेरिका

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान दोनों कह रहे हैं कि वे युद्ध नहीं चाहते हैं लेकिन दोनों अपनी पोजिशन से पीछे नहीं हटना चाहते हैं। ईरान ने कहा है कि अमेरिका होर्मुज की खाड़ी में जहाजों को निकालने का जो सिस्टम बनाना चाह रहा है वह सुरक्षित नहीं है। दूसरी ओर अमेरिका ने कहा है कि वह ईरान से नहीं लड़ना चाहता है। लेकिन साथ ही यह भी कहा है कि होर्मुज की खाड़ी में जहाजों की सुरक्षा जरूरी है। गौरतलब है कि अमेरिका ने अपनी नौसेना के जरिए जहाजों को सुरक्षा देकर होर्मुज की खाड़ी से निकालने की बात कही है, जिसके बाद खबर आई थी कि ईरान ने अमेरिका नौसेना के जहाज पर मिसाइल दागी।

बहरहाल, अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने वॉशिंगटन में कहा है कि अमेरिका ईरान के साथ लड़ाई नहीं चाहता, लेकिन होर्मुज में जहाजों की सुरक्षा जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट फ्रीडम के तहत अमेरिका की सेना होर्मुज में काम कर रही है, ताकि जहाज सुरक्षित तरीके से आवागमन कर सकें। हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका का मकसद ईरान के ‘गैरकानूनी दबाव’ को खत्म करना है, जो वह इस समुद्री रास्ते पर बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने यह भी साफ किया कि अमेरिका को इस मिशन के लिए ईरान के हवाई क्षेत्र या समुद्री सीमा में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। गौरतलब है कि प्रोजेक्ट फ्रीडम के लिए अमेरिका ने होर्मुज में अपना बड़ा युद्धपोत यूएसएस जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश भेजा है।

दूसरी ओर ईरान ने कहा कि अमेरिका ने होर्मुज में जो नया समुद्री रास्ता बताया जा रहा है, वह सुरक्षित नहीं है। यह रास्ता पत्थरों से भरा हुआ और उथला है, जिससे जहाजों के लिए खतरा बढ़ गया है। गौरतलब है कि अमेरिका के नेतृत्व वाले जॉइंट मैरिटाइम इन्फॉर्मेशन सेंटर ने जहाजों को सलाह दी है कि वे ओमान के समुद्री इलाके से होकर गुजरें, जहां एक सुरक्षित क्षेत्र बनाया गया है। लेकिन ईरान की मीडिया ने बताया है कि इस नए रास्ते से जाने की कोशिश कर रहे दो व्यापारिक जहाज बीच में ही फंस गए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि ओमान के तट के पास का समुद्र पत्थरीला है, इसलिए जहाज न आगे बढ़ पा रहे हैं और न ही वापस लौट पा रहे हैं।

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