पटना। भाजपा की कई सहयोगी पार्टियों ने समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी का समर्थन किया है। चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी, एकनाथ शिंदे कि शिव सेना और जीतन राम मांझी की हम ने इसका समर्थन किया है। लेकिन बिहार की तीन सहयोगी पार्टियों ने इसका विरोध किया है। जनता दल यू, लोजपा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने इस पर सवाल उठाए हैं। उधर महाराष्ट्र में भी सुनेत्रा पवार की पार्टी ने चुपी साध ली है।
बिहार में भाजपा की तीन सहयोगी पार्टियों ने अलग रुख अख्तियार किया है। नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यू ने कहा है कि वह इस कानून को बिहार में नहीं लागू होने देगी। पार्टी के विधायक श्याम रजक ने कहा है उनकी पार्टी इसका विरोध करेगी। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी लोजपा और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने समर्थन या विरोध की बजाय कहा है कि वे कानून का मसौदा देखने के बाद फैसला करेंगे।
गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार, 13 सितंबर को मुंबई में एक कार्यक्रम में कहा था कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा और एनडीए के शासन वाले सभी 21 राज्यों में यूसीसी लागू कर दिया जाएगा। अभी देश में 22 राज्यों में एनडीए की सरकार है। इनमें उत्तराखंड में जनवरी 2025 से यूसीसी लागू है। गुजरात, असम और मध्य प्रदेश में यूसीसी बिल पास हो चुका है। अब इन राज्यों में राष्ट्रपति की मंजूरी और अधिसूचना जारी होने का इंतजार है। महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ ने यूसीसी कानून का मसौदा तैयार करने के लिए समितियां गठित की हैं।
