जीएसटी की तरह यूसीसी
जिस तरह जीएसटी के बावजूद अनेक किस्म के कर लोगों को चुकाने होते हैं क्या वैसे ही यूसीसी के बावजूद कई तरह के निजी कानून चलते रहेंगे? एसटी के अलावा दूसरी जातियों को भी यूसीसी के दायरे से बाहर रखने की तैयारी चल रही है। गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी सरकार ने वस्तु व सेवा कर यानी जीएसटी को ‘एक देश, एक कर’ के रूप में प्रचारित किया और इसे आजाद भारत का सबसे बड़ा क्षण बनाने के लिए आधी रात को संसद का सत्र बुला कर सेंट्रल हॉल में साझा सत्र में इसे कानून बनाया। लेकिन क्या यह सचमुच...