मुंबई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ऐलान किया है कि अगले तीन साल में 2029 तक देश के 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी लागू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा और एनडीए शासित सभी राज्यों में समान कानून लागू किया जाएगा। गौरतलब है कि लोकसभा का अगला चुनाव 2029 के मई में होना है। उससे पहले भाजपा की योजना अपने शासन वाले सभी राज्यों में यह कानून लागू करने की है। हालांकि उससे पहले 14 राज्यों में विधानसभा के चुनाव हैं, जिनमें से लगभग 10 राज्यों में भाजपा और एनडीए की सरकार है।
बहरहाल, अभी देश में उत्तराखंड एकमात्र राज्य है, जहां समान नागरिक संहिता लागू है। उत्तराखंड के मॉडल पर ही गुजरात, असम और मध्य प्रदेश में विधानसभा से यूसीसी लागू करने का प्रस्ताव पारित हो चुका है। राष्ट्रपति की मंजूरी और अधिसूचना जारी होने का इंतजार है, जिसके बाद यह कानून बन जाएगा। महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ ने भी यूसीसी लागू करने के लिए कानून का मसौदा तैयार करने वाली समितियां बना दी हैं।
असल में अमित शाह रविवार को मुंबई में भाजपा का सेवा संकल्प अभियान शुरू करने पहुंचे थे। इस मौके पर उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की उपलब्धियों का ब्योरा दिया। शाह ने कहा, ‘पहले कौन सोच सकता था कि आतंकवादी हमले की स्थिति में भारत का प्रधानमंत्री पाकिस्तान की सीमा में घुसकर जवाब देने को तैयार होगा। चाहे सर्जिकल स्ट्राइक हो, एयर स्ट्राइक हो या ऑपरेशन सिंदूर, हमारे नेता नरेंद्र मोदी ने ऐसी रक्षा नीति बनाई है, जिससे भारत पर हमला करने के बारे में हमारे दुश्मनों को दो बार सोचना पड़ता है’।
शाह ने मोदी सरकार की उपलब्धियां बताते हुए कहा, ‘केंद्र सरकार ने पिछले 12 सालों में बुनियादी बदलाव किए हैं। इसके परिणामस्वरूप भारत 2014 में ‘फ्रेजाइल फाइव’ अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने से निकल कर आज दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में पहुंच गया है। 2014 में भारत को फ्रेजाइल फाइव में गिना जाता था, लेकिन आज वह दुनिया की टॉप 5 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है’।
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