कोलकाता। पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद पहले मदरसों को मिलने वाला अनुदान कम किया गया और उसके बाद अब ढाई सौ से ज्यादा मदरसों को बंद करने का आदेश दिया गया है। राज्य की शुभेंदु अधिकारी सरकार ने 252 मदरसों को बंद करने का आदेश दिया है। इसके अलावा करीब एक सौ अन्य मदरसों को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है।
राज्य सरकार का कहना है कि जांच में इन मदरसों के पास बुनियादी सुविधाएं नहीं मिली। अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग ने यह कार्रवाई की है। सरकार ने रविवार को इसकी जानकारी देते हुए यह भी बताया कि मानक पूरे करने वाले मदरसे चलते रहेंगे। कहा गया कि जिन संस्थाओं को नोटिस दिए गए हैं, उनके जवाब की जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
इससे पहले 2026 के बजट में बंगाल सरकार ने अल्पसंख्यक कल्याण और मदरसा विभाग के लिए फंड 5,713 करोड़ से घटा कर 2,165.42 करोड़ रुपए कर दिया था। यानी बजट में लगभग 36 सौ करोड़ रुपए की कटौती हुई थी। अधिकारियों के अनुसार, सरकार ने जून की शुरुआत से पश्चिम बंगाल के सभी जिलों में जमीनी सर्वे किया। इस सर्वे में सरकारी और निजी मदरसों की बुनियादी सुविधाएं, मंजूरी की स्थिति और प्रबंधन व्यवस्था की जांच की गई।
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