नई दिल्ली। गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई भारतीय सैनिकों की हिंसक झड़प पर बनी सलमान खान की फिल्म का ट्रेलर रिलीज होने के बाद चीन ने इस पर आपत्ति जताई है। चीन की सरकारी मीडिया ने कहा है कि इस फिल्म का अभी रिलीज होना ठीक नहीं होगा। हालांकि भारत सरकार के सूत्रों ने कहा है कि इससे सरकार का कोई लेना देना नहीं है। कहा गया है कि भारत में कलाकारों को रचनात्मक स्वतंत्रता है।
गौरतलब है कि गलवान संघर्ष पर ‘बैटल ऑफ गलवान’ नाम से फिल्म बनी है, जिसमें सलमान खान हीरो हैं और वे बिहार रेजिमेंट के कर्नल संतोष बाबू की भूमिका निभा रहे हैं। चीन ने ट्रेलर में दिखाए गए फिल्म के दृश्यों को हकीकत से अलग बताया है। चीन की सरकारी मीडिया ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने इस फिल्म को लेकर एक आर्टिकल भी छापा है, जिसका टाइटल है, ‘बैटल ऑफ गलवान’ फिल्म पर विवाद, फिल्म चाहे कितनी भी नाटकीय हो, देश की सीमा पर असर नहीं डाल सकती।
‘ग्लोबल टाइम्स’ ने एक चीनी विशेषज्ञ के हवाले से लिखा है कि जब चीन और भारत के रिश्तों में सुधार हो रहा है तो इस फिल्म का रिलीज होना गलत है। यह फिल्म सिर्फ भारतीय नजरिए को पेश कर चीन विरोधी भावना बढ़ा सकती है। गौरतलब है कि ‘बैटल ऑफ गलवान’ का ट्रेलर 27 दिसंबर को सलमान खान के जन्मदिन पर रिलीज हुआ था।
बहरहाल, चीनी विशेषज्ञों का कहना है कि बॉलीवुड फिल्में मनोरंजन के लिए होती हैं, लेकिन वे इतिहास नहीं बदल सकतीं। चीनी अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने सैन्य मामलों के विशेषज्ञ सॉन्ग झोंगपिंग के हवाले से लिखा कि भारत में फिल्मों का इस्तेमाल देशभक्ति की भावना बढ़ाने के लिए किया जाता है। लेकिन कोई भी फिल्म गलवान झड़प के फैक्ट को नहीं बदल सकती। उन्होंने दावा किया है कि पहले भारतीय सैनिकों ने सीमा पार की थी, जिसके जवाब में चीनी सैनिकों ने चीनी बॉर्डर की रक्षा की।
दूसरी ओर भारत सरकार के सूत्रों ने कहा है कि भारत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता वाला देश है और सिनेमाई अभिव्यक्ति इसका अभिन्न अंग है। भारतीय फिल्म निर्माता इस कलात्मक स्वतंत्रता के अनुसार फिल्में बनाने के लिए स्वतंत्र हैं। यह भी कहा गया है कि जिन लोगों को इस विशेष फिल्म पर चिंता हो सकती है, वे किसी भी स्पष्टीकरण के लिए भारत के रक्षा मंत्रालय से संपर्क करने के लिए स्वतंत्र हैं। इस फिल्म में सरकार की कोई भूमिका नहीं है।
