नई दिल्ली। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में गड़बड़ी के आरोपों पर चुनाव आयोग ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को बातचीत के लिए बुलाया था। लेकिन राहुल ने चुनाव आयोग से मिलना जरूरी नहीं समझा। उनकी पार्टी ने चुनाव आयोग की चिट्ठी का जवाब भेजा है। कांग्रेस ने चुनाव आयोग को लिखी अपनी चिट्ठी में आयोग से एक हफ्ते में महाराष्ट्र चुनाव की डिजिटल मतदाता सूची मांगी है। साथ ही महाराष्ट्र और हरियाणा के मतदान के दिन की वीडियो और सीसीटीवी फुटेज देने को कहा है।
कांग्रेस ने अपनी चिट्ठी में कहा है कि यह पुरानी मांग है और आयोग इसे आसानी से दे सकता है। कांग्रेस ने कहा है कि आयोग से डाटा मिलने पर वह इसका विश्लेषण करेगी और चुनाव आयोग से चर्चा करेगी। गौरतलब है कि 12 जून को चुनाव आयोग ने राहुल गांधी को चिट्ठी लिखी थी। उससे पहले राहुल गांधी ने कई अखबारों में लेख लिख कर महाराष्ट्र चुनाव में मैच फिक्स होने का दावा किया था। तभी आयोग ने राहुल को विधानसभा चुनाव में धांधली के उनके आरोपों पर चर्चा के लिए बुलाया था।
बहरहाल, चुनाव आयोग ने 12 जून को राहुल को भेजी गई चिट्ठी में लिखा था कि भारत की संसद के पारित इलेक्टोरल लॉ, उसके नियमों और समय समय पर चुनाव आयोग के निर्देशों के जरिए बहुत सख्ती से देश में चुनाव आयोजित कराए जाते हैं। आयोग ने चिट्ठी में बताया था कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया में चुनाव आयुक्त के नियुक्त एक लाख से ज्यादा बीएलओ, 288 इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर, 139 जनरल ऑब्जर्वर, 41 पुलिस ऑब्जर्वर, 71 खर्च ऑब्जर्वर और 288 रिटर्निंग अधिकारी और महाराष्ट्र में राष्ट्रीय और राज्य राजनीतिक दलों के नियुक्त एक लाख आठ हजार 26 बूथ एजेंट शामिल थे। इनमें कांग्रेस के भी 28,421 एजेंट थे।