नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक के बाद एक कई दावे किए हैं। उन्होंने कहा है कि चीन के राष्ट्रपति ने उनसे कहा है कि उनका देश ईरान को हथियार नहीं दे रहा है। ट्रंप ने यह भी दावा किया है कि वे पूरी दुनिया की खातिर होर्मुज की खाड़ी खोल रहे हैं और इससे चीन बहुत खुश है। राष्ट्रपति ट्रंप ने इसके साथ ही यह भी कहा कि वे चीन जाएंगे तो उनको देखते हुए राष्ट्रपति शी जिनपिंग गले लगा लेंगे।
गौरतलब है कि ट्रंप मई के मध्य में चीन के दो दिन के दौरे पर जा रहे हैं। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को लेकर ट्रंप ने कहा कि वे युद्ध के समय अमेरिका के साथ नहीं थीं। ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर ईरान को परमाणु बम मिल जाए तो वह दो मिनट में इटली को उड़ा देगा।
बहरहाल, ट्रंप ने दावा किया है कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उन्हें बताया है कि चीन ईरान को हथियार नहीं दे रहा। असल में दोनों नेताओं के बीच पत्राचार हुआ था और उसी में यह जानकारी दिए जाने की खबर है। ट्रंप ने कहा कि उन्हें खबर मिली थी कि चीन ईरान को हथियार दे रहा है। इसके बाद उन्होंने शी जिनपिंग को पत्र लिख कर इस पर आपत्ति जताई और ऐसा न करने को कहा। ट्रंप ने कहा है, ‘चीनी राष्ट्रपति ने जवाबी पत्र में कहा कि चीन इस तरह की कोई सप्लाई नहीं कर रहा है’। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान से जुड़े घटनाक्रम या तेल बाजार में बदलाव का उनके और शी जिनपिंग के बीच अगले महीने होने वाली बैठक पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
ट्रंप ने दावा किया है कि चीन इस बात से बहुत खुश है कि अमेरिका होर्मुज की खाड़ी खोलने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह कदम दुनिया के हित में है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि वह होर्मुज स्ट्रेट को स्थायी रूप से खोलने की कोशिश कर रहे हैं और चीन इस फैसले से संतुष्ट है। उन्होंने कहा कि यह कदम वैश्विक तेल सप्लाई को सुचारू रखने के लिए जरूरी है और इससे पूरी दुनिया को फायदा होगा।
