नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनावों के लिए सोमवार को अपने प्रत्याशियों के नाम का ऐलान किया। तमाम अनुमानों के उलट भाजपा ने आठ सीटों के लिए आठ बिल्कुल नए प्रत्याशियों के नाम का ऐलान किया। पहले के सभी राज्यसभा सांसदों की टिकट कट गई। दो केंद्रीय मंत्रियों हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा का पत्ता साफ हो गया। इन दोनों की अब केंद्रीय मंत्रिमंडल से विदाई हो सकती है। भाजपा ने झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार की बेटी श्रुति गंगवार को भी राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है।
भाजपा के आठ उम्मीदवारों की सूची की खास बात यह है कि इसमें सभी नए उम्मीदवार हैं। इनमें दो महिलाएं हैं। दो दलित, तीन पिछड़ी जाति के और तीन सवर्ण उम्मीदवार हैं। भाजपा ने दो ब्राह्मणों को टिकट दिया है, जबकि रिटायर हो रहे दो राजपूत सांसदों की जगह सिर्फ एक टिकट राजपूत समाज को मिली है। अरुण सिंह और नीरज शेखर दो लोग रिटायर हो रहे हैं। नितिन नबीन की टीम में महामंत्री बनाए गए हरीश द्विवेदी और स्मृति ईरानी को टिकट नहीं मिली है।
गौरतलब है कि चार महीने में उत्तर प्रदेश में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। उससे पहले भाजपा ने राज्यसभा चुनाव में सामाजिक समीकरण का खास ख्याल रखा है। तीन टिकट पिछड़े वर्ग को दी गई है, जिसमें एक लोधी, एक कुर्मी और एक पाल समाज से हैं। वहीं, दलित वर्ग में एक खटीक और एक पासी समाज से हैं। सवर्णों में दो ब्राह्मण और एक ठाकुर हैं। जानकार सूत्रों के मुताबिर रिटायर हो रहे सांसदों में से कुछ को विधानसभा का चुनाव लड़ाया जा सकता है।
इससे पहले समाजवादी पार्टी के दो उम्मीदवारों राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी ने 30 सितंबर को नामांकन दाखिल किया है। यदि सपा तीसरे और भाजपा नौंवें उम्मीदवार को नहीं उतारती है तो चुनाव में सपा के दो और भाजपा के आठ उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन तय है। गौरतलब है कि मंगलवार को नामांकन का आखिरी दिन है। भाजपा से केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, बीएल वर्मा और नीरज शेखर, सीमा द्विवेदी, बृजलाल, गीता शाक्य, अरुण सिंह और सपा के रामगोपाल यादव, बसपा के रामजी गौतम का कार्यकाल 25 नवंबर को खत्म हो रहा है। डॉ. दिनेश शर्मा अंडमान निकोबार के उप राज्यपाल बनाए गए हैं। उन्होंने उप राज्यपाल बनाए जाने के बाद इस्तीफा दे दिया था।
