नई दिल्ली। पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की बातों का खंडन किया है। उन्होंने कहा है कि 2020 में चीन के साथ गतिरोध में सरकार ने सेना को अकेला नहीं छोड़ा था। जनरल नरवणे ने कहा कि सरकार पूरी तरह से सपोर्ट में थी और पूरा अधिकार दिया था कि हालात बिगड़ने पर चीनी सैनिकों पर गोलियां चला सकें।
गौरतलब है कि जनरल नरवणे ने कुछ न्यूज चैनलों को दिए इंटरव्यू में अपनी किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ से जुड़े विवादों पर बात की। एक चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘जो उचित समझो वह करो’ टिप्पणी सशस्त्र बलों पर सरकार के पूरे भरोसे को दर्शाती है और इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। जमीनी स्थिति का जवाब देने के लिए सशस्त्र बलों को फ्री हैंड दिया गया था।
असल में, राहुल गांधी ने इस साल दो और तीन फरवरी को संसद में नरवणे की किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ का हवाला देकर चीन घुसपैठ और अग्निवीर योजना की समीक्षा का मुद्दा उठाया था। इसके बाद उन्होंने दावा किया था कि सरकार ने सेना को अकेला छोड़ दिया था। राहुल किताब लेकर भी संसद पहुंचे थे। लेकिन स्पीकर ने उनको अप्रकाशित किताब से कुछ भी बोलने से रोक दिया था।
बहरहाल, रक्षा मंत्रालय की ओर से किताब के प्रकाशन की अनुमति नहीं मिलने के बारे में पूछे जाने पर जनरल नरवणे कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि मेरी किताब में कुछ बहुत संवेदनशील था, लेकिन अगर सरकार को लगा कि कुछ बातें सही नहीं बैठ रही हैं, तो ठीक है’। गौरतलब है कि जनरल नरवणे ने एक नई किताब लिखी है, जिसका वे प्रमोशन कर रहे हैं। यह किताब सेना से जुड़ी कुछ रोचक कहानियों के बारे में है।
