नई दिल्ली। पाकिस्तान के जरिए चल रही अमेरिका और ईरान की वार्ता में नया मोड़ आया है। ईरान ने वार्ता में अपनी शर्तों का नया प्रस्ताव पाकिस्तान को सौंपा है। इससे पहले भी दोनों तरफ से प्रस्तावों का आदान प्रदान पाकिस्तान के जरिए ही किया गया था। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा है कि उनका सबसे बड़ा मकसद जंग खत्म करना और लंबे समय तक शांति कायम करना है।
गौरतलब है कि ईरान वार्ता कामयाब नहीं होने का ठीकरा अमेरिका पर फोड़ रहा है। ईरान का कहना है कि वह बातचीत के जरिए हालात को बेहतर करना चाहता है और शांति की दिशा में आगे बढ़ रहा है। पाकिस्तान में हुई पहले दौर की बातचीत के बाद भी ईरान ने कहा था कि अमेरिका नाकेबंदी खत्म नहीं करेगा तो वार्ता आगे नहीं बढ़ेगी।
इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि वह युद्ध की असली लागत के बारे में झूठ बोल रहा है। अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा है कि नेतन्याहू के इस फैसले की वजह से अब तक अमेरिका को लगभग एक सौ अरब डॉलर का नुकसान हो चुका है। उनका कहना है कि अमेरिकी रक्षा विभाग की तरफ से बताए गए 25 अरब डॉलर से चार गुना ज्यादा खर्च असल में हुआ है। अराघची ने यह भी आरोप लगाया कि ‘इजराइल फर्स्ट’ पॉलिसी का मतलब है ‘अमेरिका लास्ट’।
बहरहाल, अमेरिका के साथ चल रही वार्ता के बीच अच्छी खबर यह है कि ईरान की राजधानी तेहरान के मुख्य एयरपोर्ट इमाम खुमैनी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से फिर से उड़ानें शुरू हो गई हैं। यह एयरपोर्ट करीब 58 दिनों तक बंद था। अभी आठ घरेलू एयरलाइंस मिल कर 15 जगहों के लिए उड़ानें चला रही हैं। इनमें मदीना, इस्तांबुल, मस्कट के साथ चीन और रूस जैसी जगहें शामिल हैं।
