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  • अमेरिका और इजराइल का बड़ा दावा

    नई दिल्ली। ईरान में चल रही जंग को लेकर अमेरिका और इजराइल ने बड़ा दावा किया है। इजराइल ने कहा है कि युद्ध अब अंतिम चरण में पहुंच गया है तो अमेरिका ने कहा है कि ईरान कमजोर पड़ गया है और समझौता करना चाहता है। हालांकि इस दावे के बीच दोनों तरफ से हमले जारी हैं। अमेरिका ने ईरान के खार्ग द्वीप पर हमला किया है, जहां से ईरान का 85 से 90 फीसदी तेल निर्यात होता है। अमेरिका ने वहां के सैन्य ठिकानों को नष्ट कर दिया है। इससे पहले ईरान ने बगदाद में अमेरिकी दूतावास के पास...

  • इराक में अमेरिकी रिफ्यूलिंग विमान हादसे में चार क्रू सदस्यों की मौत

    पश्चिमी इराक में अमेरिकी वायुसेना के केसी-135 हवाई रिफ्यूलिंग विमान हादसे में छह क्रू सदस्यों में से चार की मौत की पुष्टि हो गई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, हादसा दोपहर लगभग 2 बजे पश्चिमी इराक में ईरान से जुड़े युद्ध अभियान के दौरान हुआ। घटना के कारणों की जांच की जा रही है। हालांकि, विमान हादसा किसी दुश्मन या अपनी ही सेना के हमले के कारण नहीं हुआ। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, दुर्घटना से पहले फ्लाइट ट्रैकिंग डाटा में यह जानकारी सामने आई थी कि केसी-135 विमान ने उड़ान के दौरान आपात स्थिति घोषित की थी। इसके कुछ...

  • मुंह छिपाने की मजबूरी

    पीयूष गोयल के मुताबिक ट्रेड डील में रूसी तेल का मुद्दा नहीं है। इसलिए इस पर विदेश मंत्रालय से पूछा जाना चाहिए। विदेश मंत्री गोयल से पूछने की सलाह दे चुके हैँ। प्रधानमंत्री से तो स्पष्टीकरण की अपेक्षा ही नहीं है। अमेरिका से ट्रेड डील में रूसी तेल के मुद्दे को शामिल करने से भारत को आर्थिक के साथ-साथ प्रतिष्ठा का इतना बड़ा नुकसान हुआ है कि नरेंद्र मोदी सरकार के मंत्री इसकी जवाबदेही एक दूसरे पर टालने की जुगत में दिखे हैं। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के मुताबिक उन्होंने जो डील की, उसमें यह मुद्दा नहीं है, इसलिए इस...

  • अमेरिका से व्यापार संधि पर बोले मोदी

    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में अपने भाषण के दौरान अमेरिका के साथ हुई व्यापार संधि पर भी बोला। उन्होंने अमेरिका के भारत के साथ संधि करने को बहुत बड़ी बात बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई विकसित देश किसी किसी विकासशील देश से संधि करने यह बहुत बड़ी बात होती है। इसमें भी उन्होंने कांग्रेस पर हमला किया और कहा कि देश की ऐसी हालत बना दी गई थी कि दुनिया का कोई देश हमसे डील करने नहीं आता था। कोशिश हुई लोग पीछे पीछे गए लेकिन किसी देश ने डील नहीं की। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘डेवलप...

  • भारत पर टैरिफ कम करेगा अमेरिका

    नई दिल्ली। भारत ने रूस से तेल खरीदना काफी कम कर दिया है। अमेरिका के वित्त मंत्री ने कहा है कि रूस से भारत का तेल खरीदना कम कर देना अमेरिका की की बड़ी जीत है। इसके बाद अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप सरकार भारत पर लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ में से आधा टैरिफ हटाने पर विचार कर सकती है। गौरतलब है कि अमेरिका ने जैसे को तैसा नीति के तहत 25 फीसदी टैरिफ लगाया था और उसके बाद 25 फीसदी टैरिफ का जुर्माना रूस से तेल खरीदने की वजह से लगाया था।...

  • अमेरिका, चीन को तेवर नहीं दिखाते

    विदेश मंत्री एस जयशंकर अपनी रील्स के लिए बहुत चर्चित रहे हैं। आंख से लेजर लाइट निकलने वाली उनकी रील्स भाजपा इकोसिस्टम के लोग खूब शेयर करते हैं। लेकिन वे भी अपने तेवर दिखाने के लिए बड़ी सावधानी से देशों का चयन करते हैं। अभी उन्होंने पोलैंड के सामने तेवर दिखाए। पोलेंड के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री भारत के दौरे पर थे तो जयशंकर ने उनसे कहा कि उनका देश पाकिस्तान के साथ ज्यादा नजदीकी दिखा रहा है, जबकि पाकिस्तान आतंकवादियों के इकोसिस्टम को प्रमोट करता है और भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियां कराता है। उन्होंने पोलैंड को इससे...

  • रूस, अमेरिका से ही तेल खरीद रहा है भारत

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब भी रूस से तेल खरीद को लेकर भारत को चेतावनी दे रहे हैं। उन्होंने रूस से तेल खरीदने की वजह से भारत पर 25 फीसदी कै अतिरिक्त टैरिफ लगा रखा है। उससे पहले जैसे को तैसा टैरिफ के तहत भारतीय उत्पादों पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया था। सो, भारत के अमेरिका भेजने वाले हर उत्पाद पर 50 पीसदी टैरिफ चुकाना पड़ रहा है। लेकिन क्या भारत इस चेतावनी की वजह से रूस से तेल खरीदने में पीछे हट रहा है। ऐसा लग नहीं रहा है। कम से कम आंकड़ों के लिहाज से देखें तो...

  • चीन पर अमेरिका की भारत को चेतावनी

    वॉशिंगटन। अमेरिका ने चीन की दोहरी रणनीति को लेकर भारत को चेतावनी दी है। पेंटागन की 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन एक तरफ भारत के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी एलएसी पर तनाव कम करने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान के साथ सैन्य सहयोग बढ़ा रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अक्टूबर 2024 में भारत और चीन ने एलएसी पर बचे हुए टकराव वाले इलाकों से पीछे हटने पर सहमति जताई थी। हालांकि, पेंटागन का आकलन है कि चीन का मकसद भारत के साथ रिश्तों को सामान्य करके उसे अमेरिका के और करीब...

  • देश को कीमत बताइए

    अपेक्षित यह है कि सरकार खाड़ी, पश्चिम एशिया और रूस जैसे स्रोतों से एलपीजी की खरीदारी पर आने वाली लागत और अमेरिका से खरीदारी पर आने वाले खर्च का तुलनात्मक विवरण सार्वजनिक करे। देशवासियों को यह जानने का हक है। अमेरिका से 22 लाख टन रसोई गैस खरीदने के लिए हुए सौदे को पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने ‘ऐतिहासिक’ करार बताया और कहा कि देश की जनता को ‘किफायती’ दर पर सप्लाई करने के मकसद से एलपीजी खरीदारी का एक नया स्रोत हासिल किया गया है। स्पष्टतः उन्होंने इसे नरेंद्र मोदी सरकार की एक बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश...

  • बात एकतरफा ना रहे

    फाउंडेशनल एग्रीमेंट्स के साथ भारत अमेरिका की सामरिक रणनीति में सहयोगी बना, तो अपेक्षा थी कि अमेरिका भारत की सुरक्षा के प्रति समान रूप से संवेदनशील बनेगा। लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय उम्मीदों पर अमेरिका खरा नहीं उतरा। भारत- अमेरिका के बीच रक्षा संबंध और गहरा करने के लिए दस साल के फ्रेमवर्क समझौते पर दस्तखत के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘इसका मकसद रक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए एकीकृत दृष्टिकोण एवं नीतिगत दिशा प्रदान करना है।’ अगर ऐसा सचमुच हो सका, तो भारत के आश्वस्त रहने के लिए इससे एक बड़ी वजह मिलेगी। मगर ऑपरेशन...

  • तेज हुआ व्यापार युद्ध

    आशंका है कि नए दौर का व्यापार युद्ध अधिक हानिकारक होगा, जिसकी मार पूरी दुनिया पर पड़ेगी। अब ये आकलन भी सच होता लग रहा है कि अमेरिका और चीन के बीच बने अंतर्विरोधों के सद्भावपूर्ण समाधान की गुंजाइशें सिकुड़ चुकी हैं। अमेरिका और चीन- के बीच व्यापार युद्ध ना सिर्फ तेज हो गया है, बल्कि इसका दायरा भी फैल गया है। शुरुआत अमेरिका ने की, जब उसने चिप और कंप्यूटिंग संबंधी टेक उत्पादों के चीन को निर्यात पर नए प्रतिबंध लगाए। साथ ही कुछ चीनी कंपनियों पर ईरान से कारोबार करने के इल्जाम में पाबंदी लगाई गई। चीन ने...

  • भारत-अमेरिका में अच्छी वार्ता हुई

    नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता नए सिरे से शुरू करने के लिए दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच मंगलवार को एक अहम बैठक हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाए जाने के बाद पहली बार व्यापार वार्ता पर बातचीत के लिए अमेरिकी टीम ब्रेंडेन लिंच की अध्यक्षता में भारत पहुंची है। दोनों देशों के बीच मंगलवार, 16 सिंतबर को दिल्ली में एक मीटिंग हुई। सुबह 10 बजे वाणिज्य भवन में बैठक शुरू हुई, जो करीब सात घंटे तक चली। सात घंटे तक चली बैठक के बाद उद्योग व वाणिज्य मंत्रालय की...

  • भारत पर यूरोप से टैरिफ लगवाना चाहता है यूएस

    नई दिल्ली। एक तरफ अमेरिका की टीम व्यापार वार्ता के लिए भारत आई है तो दूसरी ओर अमेरिका यूरोपीय देशों पर दबाव बना रहा है कि वे भारत के ऊपर अतिरिक्त टैरिफ लगाएं। इससे पहले अमेरिका ने जी 7 देशों पर दबाव बनाया था। जी 7 देशों के वित्त मंत्रियों की अमेरिका में हुई बैठक में अमेरिकी वित्त मंत्री ने उनसे कहा था कि भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाए। अब अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने यूरोपीय देशों से भारत और चीन पर 50 से एक सौ फीसदी तक टैरिफ लगाने की अपील की है। सोमवार को ब्लूमबर्ग...

  • ट्रंप को चाहिए आत्महंता

    ट्रंप के नजरिए में अमेरिका के अलावा किसी अन्य देश की समृद्धि के लिए कोई गुंजाइश नहीं हैं। उनका दोमुंहापन जग-जाहिर है। फिर भी हैरतअंगेज है कि उनकी त्योरियों के हिसाब से भारत के सत्ताधारी हलकों की भंगिमाएं बदलने लगती हैं। जिस रोज डॉनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर बातचीत अभी भी चल रही है और वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत का इंतजार कर रहे हैं, उसी रोज यह खबर भी आई कि ट्रंप ने यूरोपियन यूनियन (ईयू) को भारत पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने को कहा है। भारत...

  • अमेरिका ने कहा, शांति के लिए भारत पर टैरिफ

    वॉशिंगटन। अमेरिका ने भारत पर 25 फीसदी टैरिफ के ऊपर अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ लगाने के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले का अदालत में बचाव किया है। ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि शांति बहाली के लिए टैरिफ लगाया गया है। असल में अमेरिका की एक अदालत ने ट्रंप प्रशासन के लगाए टैरिफ को अवैध करार दिया है। इस फैसले के खिलाफ ट्रंप सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची है। सुप्रीम कोर्ट में ट्रंप प्रशासन की ओर से जमा कराए गए दस्तावेजों में कहा गया है कि ये टैरिफ यूक्रेन में शांति के लिए सरकार के प्रयासों का एक महत्वपूर्ण पहलू हैं।...

  • इस झटके से तो कुछ सबक लें!

    नरेंद्र मोदी सरकार भले यह सोचती रही हो कि उसने अमेरिका के साथ सहभागिता का संबंध बना लिया है और ऐसा भारत के हो रहे उदय के कारण हुआ है, मगर अमेरिकी शासकों की निगाह में भारत की अहमियत चीन के खिलाफ एक मोहरे से अधिक नहीं रही है। अब ट्रंप संभवतः यह मानने लगे हैं कि आर्थिक रूप से अगर उन्होंने ‘अमेरिका को फिर से महान’ बना दिया, तो चीन को घेरने की उनके देश को जरूरत ही नहीं रह जाएगी। इसलिए ट्रंप भारत से कोई रियायत करने के मूड में नहीं हैं। वैसे तो यह भारत के पूरे...

  • यूरोपीय देशों ने भी अमेरिका की डाक सेवा रोकी

    नई दिल्ली। भारत के बाद अब यूरोपीय देशों ने भी अमेरिका के लिए डाक की सेवा रोक दी है क्योंकि अमेरिका ने टैरिफ बहुत बढ़ा दिया है। डाक सेवा रोकने वाले यूरोपीय देशों में इटली, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड, ऑस्ट्रिया सहित कई देश शामिल हैं। इससे पहले भारत ने 23 अगस्त को ऐलान किया कि 25 अगस्त से डाक के जरिए सामान भेजने की सेवा निलंबित रहेगी। डाक से सामान भेजने की सेवा निलंबित रहने का कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ नियम हैं। गौरतलब है कि ट्रंप प्रशासन ने इसी साल 30 जुलाई को आदेश जारी किया...

  • जज्बाती कदम ठीक नहीं

    आवश्यक है कि विदेश नीति में किसी परिवर्तन से पहले उसके सभी आयामों पर गंभीरता से विचार हो। सिर्फ अमेरिका को सख्ती का संकेत देने के लिए अथवा जज्बाती प्रतिक्रिया में ऐसा करना भारत के हित में नहीं होगा। अमेरिका से बिगड़ते संबंधों के साथ भारत में अचानक चीन से रिश्ते सुधारने और रूस से संबंध और गहरा करने की जरूरत पर अधिक जोर दिया जाने लगा है। संकेत हैं कि भारत सरकार ने इससे संबंधित प्रक्रियाओं को तेज कर दिया है। उधर, ऐसा लगता है कि चीन ने इस नई परिस्थिति में अपने लिए अवसर देखा है। भारत और...

  • नया भारत किसी दबाव में नहीं आता

    भारत ने एक संप्रभु राष्ट्र के तौर पर अपनी विदेश नीति की स्वतंत्रता की घोषणा भी बहुत स्पष्ट शब्दों में कर दी है। रूस के साथ कारोबार को लेकर अमेरिका की ओर से दी गई चेतावनी के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘किसी भी देश के साथ हमारे संबंध उसकी योग्यता पर आधारित हैं और उन्हें किसी तीसरे देश के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। जहां तक भारत और रूस संबंधों का सवाल है, हमारे बीच एक स्थिर और समय की कसौटी पर आजमाई हुई साझेदारी है’। भारत ने दुनिया को यह संदेश दे दिया है कि...

  • अमेरिका पाकिस्तान में तेल निकलवाएगा

    वॉशिंगटन। अमेरिक के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के साथ ऑयल डील होने का ऐलान किया है। इसके तहत अमेरिका पाकिस्तान के तेल भंडारों का विकास करेगा। इसकी घोषणा करने के साथ ही ट्रंप ने दावा किया कि पाकिस्तान भविष्य में भारत को तेल बेच सकता है। बुधवार को सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने लिखा, ‘हमने पाकिस्तान के साथ एक डील फाइनल की है, जिसमें अमेरिका और पाकिस्तान मिलकर वहां के विशाल तेल भंडारों का विकास करेंगे। एक तेल कंपनी को इस साझेदारी के लिए चुना जाएगा। शायद एक दिन वे भारत को भी तेल बेचें’। ट्रंप ने इस...

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