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क्या है अमेरिका- यूक्रेन का खनिज करार?

खनिज

अमेरिकी दावे के विपरीत यूक्रेनी पक्ष का कहना है कि समझौते के तहत यूक्रेन को यह तय करने का अधिकार होगा कि क्या और कहां खोदा जाना चाहिए। यूक्रेन का दावा है कि सतह के नीचे की मिट्टी पर यूक्रेन का मालिकाना हक होगा।

अमेरिका और यूक्रेन के अधिकारियों ने 30 अप्रैल 2025 को वॉशिंगटन में खनिज डील पर हस्ताक्षर किए। महीनों चले मोल-भाव के बाद बुधवार को भी 11 घंटे की माथापच्ची हुई। उसके बाद हुई इस डील के मुताबिक, यूक्रेन के खनिजों पर अमेरिका को तरजीह दी जाएगी। इन खनिजों से होने वाली आय का एक हिस्सा यूक्रेन के पुर्ननिर्माण के लिए बनाए जाने वाले एक साझा कोष में जाएगा। फरवरी 2022 से रूसी आक्रमण का सामना कर रहे यूक्रेन को जंग में काफी नुकसान हो चुका है।

सोशल नेटवर्किंग साइट ‘एक्स’ पर यूएस ट्रेजरी विभाग ने अमेरिकी ट्रेजरी मंत्री स्कॉट बेसेंट और यूक्रेन की उप प्रधानमंत्री यूलिया स्विरिडेंको की डील साइन करते हुए फोटो शेयर की। फोटो के साथ लिखे टेक्स्ट में कहा गया, “एक आजाद, संप्रभु और समृद्ध यूक्रेन के लिए ट्रंप प्रशासन की वचनबद्धता का एक साफ संकेत।” स्विरिडेंको ने ‘एक्स’ पर लिखा कि संधि के तहत वॉशिंगटन फंड में योगदान देगा। यूक्रेनी उप प्रधानमंत्री के मुताबिक समझौते से यूक्रेन को नई मदद भी मिलेगी, जैसे नया एयर डिफेंस सिस्टम। अमेरिका ने इस मुद्दे पर स्पष्ट शब्दों में कुछ नहीं कहा है।

यूक्रेन-अमेरिका खनिज डील के अहम पहलु

अमेरिकी अधिकारियों ने समझौते से जुड़ी अहम शर्तें भी साझा नहीं की हैं। जबकि यूक्रेनी पक्ष का कहना है कि समझौते के तहत, यूक्रेन को यह तय करने का अधिकार होगा कि क्या और कहां खोदा जाना चाहिए। कीव का दावा है कि सतह के नीचे की मिट्टी पर यूक्रेन का मालिकाना हक होगा। समाचार एजेंसियों और अमेरिकी मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक, इस डील में यूक्रेन की सुरक्षा के प्रति अमेरिका की गारंटी का सटीक जिक्र नहीं है। कीव शुरुआत से इसी बिंदु पर जोर देता आ रहा था।

रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेद्वेदेव ने इस खनिज समझौते को यूक्रेन की मजबूरी करार दिया है। पुतिन के करीबी और रूसी सुरक्षा अधिकारी मेद्वेदेव ने गुरुवार (1 मई) को कहा कि यूक्रेन और अमेरिका के बीच हुई खनिज डील का मतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने आखिरकार कीव को अमेरिकी मदद के लिए भुगतान करने पर बाध्य कर दिया है।

रूस के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री रह चुके मेद्वेदेव ने मैसेजिंग एप टेलीग्राम पर लिखा, “अब उन्हें एक गायब होते देश की राष्ट्रीय संपत्ति से सैन्य आपूर्ति के लिए भुगतान करना होगा।” यूक्रेन में रेयर अर्थ समेत कई अहम खनिज और प्राकृतिक संसाधन हैं। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे का मानना है कि 50 खनिज क्रिटिकल मिनरल्स हैं। इनमें निकेल और लीथियम जैसे रेयर अर्थ भी शामिल हैं।

आधुनिक रक्षा विज्ञान, हाई टेक उपकरणों, एयरोस्पेस और ग्रीन ऊर्जा के क्षेत्र में इन खनिजों के इस्तेमाल के बिना आगे बढ़ना असंभव है। यूरोपीय अनुसंधानों के मुताबिक, इनमें से 22 खनिजों का भंडार यूक्रेन की जमीन में है। यूक्रेनी इंस्टिट्यूट ऑफ जियोलॉजी का दावा है कि उनके देश में लैंथेनम, सेरियम, इरबियम, यिट्रियम का भंडार है। यूरोपीय रिसर्च प्रोजेक्ट के मुताबिक वहां स्कैंडियम का भी रिजर्व है। ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम’ का कहना है कि यूक्रेन लीथियम, बेरिलियम, मैग्नीज, गैलियम, जिरकोनियम, ग्रेफाइट, फ्लूओराइट और निकेल का संभावित सप्लायर बन सकता है।

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Pic Credit: ANI

By NI Editorial

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