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भाजपा की टीम में नए ही नए

नई दिल्ली। नितिन नबीन ने भाजपा अध्यक्ष का पद संभालने के 209 दिन के बाद अपनी नई टीम का ऐलान कर दिया है। यह टीम सचमुच नई है क्योंकि जेपी नड्डा की टीम के ज्यादातर पदाधिकारियों की छुट्टी हो गई है। पार्टी के आठ में से दो महासचिवों को ही नई टीम में रखा गया है। बाकी छह महासचिवों को हटा दिया गया है। पार्टी की मीडिया और सोशल मीडिया टीम में भी बड़ा बदलाव किया गया है। अरसे बाद राम माधव और स्मृति ईरानी की राष्ट्रीय टीम में वापसी हुई है।

नितिन नबीन की टीम के 65 सदस्यों के नाम का ऐलान किया गया है। इनमें से सिर्फ 14 चेहरे हैं, जो पिछली टीम में थे। बाकी 51 नए चेहरों को नितिन नबीन की टीम में शामिल किया गया है। कहा जा रहा था कि राष्ट्रीय अध्यक्ष की नई टीम में युवाओं को ज्यादा जगह मिलेगी। ‘जेन जी’ आंदोलन के कारण यह कयास लगाया जा रहा था। लेकिन नई टीम में युवा और अनुभवी दोनों का संतुलन बनाया गया है। टीम में 73 साल की वसुंधरा राजे भी हैं तो 35 साल के हेमांग जोशी भी हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से महिला आरक्षण की वकालत की थी। लेकिन पार्टी की राष्ट्रीय टीम में सिर्फ 12 महिलाओं को जगह मिली है। यह कुल संख्या का 18 फीसदी है। इनमें से भी छह महिलाओं को पार्टी का उपाध्यक्ष बनाया गया है। नए पदाधिकारियों के चयन में अगले साल होने वाले चुनावों का ध्यान रखा गया है। इस लिहाज उत्तर प्रदेश से सबसे ज्यादा आठ लोगों के जगह मिली है। उत्तराखंड से चार, गुजरात से चार और पंजाब से यानी चार चुनावी राज्यों से कुल 18 चेहरे नई टीम में शामिल हैं। गोवा, मणिपुर और हिमाचल प्रदेश में भी चुनाव हैं लेकिन वहां से कोई नाम नहीं है।

नितिन नबीन की टीम में दो मुस्लिम चेहरों, तारिक मंसूर और बासित अली को जगह मिली है। बीएल संतोष संगठन महामंत्री बने रहेंगे। उनके अलावा शिव प्रकाश और सौदान सिंह को संयुक्त संगठन महामंत्री बनाया गया है। नई टीम में 13 उपाध्यक्ष हैं। संगठन महामंत्री सहित नौ महामंत्री हैं। दो संयुक्त संगठन महामंत्री है। नई टीम में 16 सचिव और अन्य मोर्चा व प्रकोष्ठ के 23 सदस्य हैं। इन अलावा एक कोषाध्यक्ष और एक सह कोषाध्यक्ष हैं।

नितिन नबीन ने भाजपा दो के अलावा सभी महामंत्रियों को बदल दिया। दुष्यंत गौतम, अरुण सिंह, राधामोहन दास अग्रवाल, तरुण चुघ आदि सब हटा दिए गए। हालांकि तरुण चुघ को पार्टी कार्यालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह जिम्मेदारी पहले अरुण सिंह के पास थी। महेंद्र पांडेय को पार्टी कार्यालय का सचिव बनाया गया है। अनिल बलूनी मीडिया के प्रभारी बने रहेंगे लेकिन अमित मालवीय को सोशल मीडिया प्रमुख के पद से हटा दिया गया है।

अगर भाजपा के मोर्चों की बात करें तो गुजरात के हेमांग जोशी को युवा मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है। छत्तीसगढ़ की रूप चौधरी महिला मोर्चा की अध्यक्ष होंगी। उत्तर प्रदेश के अमरपाल मौर्य को ओबीसी मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है। मध्य प्रदेश के बंशीलाल गुर्जर किसान मोर्चा के प्रमुख बने हैं। बिहार से हाल ही में राज्यसभा भेजे गए शिवेश राम को एससी मोर्चा की जिम्मेदारी सौंपी गई है और राजस्थान के मन्नालाल रावत को एसटी मोर्चे का अध्यक्ष बनाया गया है। उत्तर प्रदेश के चौधरी बासित अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष बने हैं।

पीयूष गोयल फिर से कोषाध्यक्ष

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल की एक बार फिर संगठन में वापसी हुई है। उनको एक बार फिर से पार्टी के कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे 2014 में पार्टी के कोषाध्यक्ष रहे हैं। उनके पिता दिवंगत वेद प्रकाश गोयल भी पार्टी के कोषाध्यक्ष रहे थे। पीयूष गोयल जब केंद्र में मंत्री बने तो उनकी जगह उत्तर प्रदेश के राजेश अग्रवाल को कोषाध्यक्ष बनाया गया। पीयूष गोयल के फिर से कोषाध्यक्ष बनने के बाद उनके मंत्री पद से हटने की चर्चा तेज हो गई है। भाजपा में एक व्यक्ति, एक पद के सिद्धांत के हिसाब से उनको मंत्री पद छोड़ना पड़ सकता है। वे पहले रेल मंत्री भी रह चुके हैं।

स्मृति ईरानी और राम माधव की वापसी

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की नई टीम की हाईलाइट स्मृति ईरानी और राम माधव की संगठन में वापसी है। राम माधव को पार्टी का उपाध्यक्ष बनाया गया है, जबकि स्मृति ईरानी को महामंत्री की जिम्मेदारी मिली है। माना जा रहा है कि स्मृति ईरानी को पश्चिम बंगाल में मेहनत करने का इनाम मिला है। 2024 में अमेठी का चुनाव हारने के बाद उनकी विदाई के गीत लिखे जा रहे थे। उन्होंने जब टेलीविजन धारावाहिकों में वापस शूटिंग शुरू कर दी तो निश्चित मान लिया गया कि वे अब राजनीति की मुख्यधारा में नहीं लौटेंगी। लेकिन बंगाल चुनाव के बाद सब बदल गया।

इसी तरह राम माधव भी बिल्कुल हाशिए में चले गए थे। 26 सितंबर 2020 को जेपी नड्‌डा ने अपनी नई टीम बनाई तो राष्ट्रीय टीम से राम माधव को महासचिव पद से हटा दिया था। वे अगस्त 2014 से इस पद पर थे। बाद में मार्च 2021 में वे राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ में लौटे और अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य बने। अब करीब छह साल बाद भाजपा की राष्ट्रीय टीम में उनकी वापसी हुई है और उन्हें उपाध्यक्ष बनाया गया है। हालांकि बीच की छह साल की अवधि में वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति वाली टीम से किसी न किसी रूप में जुड़े रहे।

मालवीय की जगह म्हस्के

भारतीय जनता पार्टी के आईटी सेल के चर्चित प्रमुख अमित मालवीय को हटा दिया गया है। विपक्ष के प्रति आक्रामक रवैए के लिए मालवीय चर्चित हुए थे और इसी वजह से उनकी बदनामी भी हुई। पिछले कुछ समय से भाजपा सोशल मीडिया में नैरेटिव कंट्रोल नहीं कर पा रही थी। इसी वजह से उनकी छुट्टी हुई है और उनकी जगह छत्तीसगढ़ के दीपक म्हस्के को सोशल मीडिया टीम का नया प्रमुख बनाया गया है। उनके साथ लोगों की टीम काम करेगी। म्हस्के केमिस्ट्री के प्रोफेसर रह चुके हैं और चुनावी डेटा एनालिसिस, कृषि, सरकारी योजनाओं और पब्लिक सेक्टर में काम का अनुभव रखते हैं। उनको नितिन नबीन का करीबी माना जाता है। गौरतलब है कि नितिन नबीन छत्तीसगढ़ के प्रभारी रहे हैं।

By NI Desk

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