नई दिल्ली। ईरान पर हमला शुरू होने के 10वें दिन सोमवार को इजराइल ने बड़ा हवाई हमला बोला। ईरान भी जवाबी हमले कर रहा है लेकिन अब उसके हमले की तीव्रता कम हो रही है। दूसरी ओर इजराइल ने सोमवार को राजधानी तेहरान सहित इस्फहान और दक्षिणी इलाकों में ईरान के बुनियादी ढांचे निशाना बनाकर हवाई हमला किया। इसके बाद ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि जब तक हमले जारी हैं, तब तक बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं है और ईरान निर्णायक जवाब देने पर ध्यान दे रहा है।
उधर लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में भी कई हवाई हमले की खबरें आई हैं। लेबनान के बिगड़ते हालात को देखते हुए फ्रांस ने चिंता जताई है। उसने लेबनान को मदद भेजने का फैसला किया है। दूसरी ओर ईरान भी जवाबी हमले की तैयारी कर रहा है। ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लरीजानी ने कहा है कि मुजतबा खामेनेई के नए सुप्रीम लीडर बनने से ईरान में उम्मीद जागी है, जबकि अमेरिका और इजराइल निराश हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि जो देश ईरान के खिलाफ युद्ध और दुश्मनी का रवैया रखते हैं, उन्हें अब समझ आ गया है कि ईरान की व्यवस्था मजबूत है और आगे भी कायम रहेगी। लरीजानी ने यह भी कहा कि नए नेतृत्व से देश में उम्मीद और एकजुटता बढ़ेगी। इस बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी ने दावा किया है कि उसने कुवैत में स्थित अल-अदीरी हेलीकॉप्टर एयरबेस को ड्रोन और क्रूज मिसाइलों से निशाना बनाया।
गौरतलब है कि ईरान ने दो दिन पहले कई खाड़ी देशों पर हमले के लिए उनसे माफी मांगी थी। अब उसके विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने तुर्किए, साइप्रस और अजरबैजान की ओर मिसाइल या हथियार भेजे जाने की खबरों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह इन देशों की दिशा में ईरान की जमीन से कोई हमला शुरू नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा है कि अमेरिका की वजह से कूटनीति का रास्ता बंद हो गया है।
