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दोनों गठबंधन नतीजों के बाद की तैयारी में लगे

मुंबई/रांची। महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनावों के नतीजों से पहले दोनों राज्यों में आमने सामने चुनाव लड़े दोनों गठबंधनों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। दोनों गठबंधन जीत का दावा कर रहे हैं। एक्जिट पोल के अनुमान से बढ़े सस्पेंस के बीच महाराष्ट्र में दोनों गठबंधनों ने नतीजों के तुरंत बाद विधायकों को मुंबई लाने और एक जगह रखने की तैयारी की है। विधायकों को लाने के लिए हेलीकॉप्टर और चार्टर्ड प्लेन तैयार रखे गए हैं। दोनों गठबंधनों ने होटल बुक करके रखा है। किसी भी तरह के खेल से अपने विधायकों को बचाने की जबरदस्त तैयारी है। जीत की संभावना वाले विधायकों पर नजर रखी जा रही है।

नतीजों से एक दिन पहले महाराष्ट्र के सभी प्रमुख दल अपने अपने विधायकों को जोड़ तोड़ से बचाने की रणनीति बनाते रहे। भाजपा नेता और उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस के सागर बंगले में एक बड़ी बैठक हुई, जिसमें महायुति के जीते विधायकों को जल्दी मुंबई लाने और एक जगह रखने की रणनीति बनी। खबर है कि महायुति के सभी जीते हुए विधायकों को कोलाबा के ताज प्रेसीडेंसी होटल में रखा जाएगा। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को अपनी पार्टी के प्रवक्ताओं की बैठक बुलाई। उधर अजित पवार की पार्टी ने उनको मुख्यमंत्री का दावेदार बता दिया, जिससे अलग विवाद शुरू हो गया। इस बीच शुक्रवार को यह खबर भी चलती रही कि एकनाथ शिंदे और कांग्रेस के नाना पटोले संपर्क में हैं।

शिव सेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने शुक्रवार को कहा कि महाविकास अघाड़ी के घटक दलों ने महाराष्ट्र चुनाव के नतीजों के बाद अपने सभी नए चुने गए विधायकों को मुंबई में एक साथ रखने का फैसला किया है। राउत ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि अघाड़ी नेताओं ने गुरुवार को बैठक की और हर सीट का आकलन किया। इनमें वे स्वयं, उनकी पार्टी के सहयोगी अनिल देसाई, शरद पवार की पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल और कांग्रेस नेता सतेज पाटिल और बाला साहेब थोराट शामिल थे। राउत ने विश्वास जताया कि एमवीए चुनाव में 160 सीटें जीतेगी। हालांकि संजय राउत इस बात से चिंतित थे कि चुनाव आयोग ने सिर्फ तीन दिन का समय दिया है। नतीजे 23 नवंबर को आएंगे और राज्य विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर को खत्म हो रहा है। अगर तीन दिन में सरकार नहीं बनती है तो राष्ट्रपति शासन लग जाएगा। इसलिए अगर महाविकास अघाड़ी बहुमत तक पहुंचती है तो उसे जल्दी से जल्दी मुख्यमंत्री के नाम का फैसला करना होगा और जल्दी सरकार बनानी होगी।

बहरहाल, कांग्रेस के शीर्ष नेता सोनिया और राहुल गांधी हिमाचल प्रदेश के शिमला में नतीजे देखेंगे। शुक्रवार को राहुल के शिमला पहुंचने से पहले कांग्रेस ने महाराष्ट्र और झारखंड दोनों राज्यों में पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है। अशोक गहलोत, भूपेश बघेल और डॉ. जी परमेश्वर को महाराष्ट्र का पर्यवेक्षक बनाया गया है। तारिक अनवर, मल्लू भट्टी विक्रमार्क और कृष्णा अल्लावुरु को झारखंड के पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी मिली है। झारखंड में हालांकि कांग्रेस ने सब कुछ गठबंधन की बड़ी पार्टी जेएमएम के हवाले छोड़ा है। जेएमएम ने गठबंधन के जीते विधायकों को रांची लाने और एक साथ रखने की तैयारी की है।

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