नई दिल्ली। ईरान में चल रही जंग को लेकर अमेरिका और इजराइल ने बड़ा दावा किया है। इजराइल ने कहा है कि युद्ध अब अंतिम चरण में पहुंच गया है तो अमेरिका ने कहा है कि ईरान कमजोर पड़ गया है और समझौता करना चाहता है। हालांकि इस दावे के बीच दोनों तरफ से हमले जारी हैं। अमेरिका ने ईरान के खार्ग द्वीप पर हमला किया है, जहां से ईरान का 85 से 90 फीसदी तेल निर्यात होता है। अमेरिका ने वहां के सैन्य ठिकानों को नष्ट कर दिया है। इससे पहले ईरान ने बगदाद में अमेरिकी दूतावास के पास हमला किया।
बहरहाल, इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा है कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। काट्ज ने ईरान के खार्ग द्वीप पर अमेरिकी हमलों की तारीफ करते हुए कहा कि जंग निर्णायक मोड़ पर है। उन्होंने सैन्य अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ वैश्विक और क्षेत्रीय संघर्ष तेजी से बढ़ रहा है। इजराइल ने यह भी कहा है कि उसकी सेना ने ईरान की स्पेस एजेंसी के एक प्रमुख रिसर्च सेंटर और एयर डिफेंस सिस्टम बनाने वाली फैक्टरी पर हमला किया है।
इससे पहले अमेरिका ने दावा किया है कि उसकी सेना ने ईरान के खार्ग द्वीप पर बड़े पैमाने पर सटीक हमले किए, जिनमें 90 से ज्यादा सैन्य ठिकानों को नष्ट कर दिया गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार हमले में तेल से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान नहीं पहुंचाया गया। इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान अब समझौता करना चाहता है, क्योंकि वह युद्ध में कमजोर पड़ गया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ बहुत अच्छा काम किया है, लेकिन मीडिया इस बारे में ठीक से खबर नहीं दिखा रहा।
हालांकि ईरान ने खार्ग द्वीप से तेल निर्यात बेरोकटोक जारी रहने की बात कही है। इसके अलावा ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी की नौसेना ने दावा किया है कि उसने क्षेत्र में मौजूद तीन अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। उसने बताया कि अबू धाबी के अल-धफरा एयरबेस और बहरीन के शेख ईसा एयरबेस को निशाना बनाया गया है। इराक की राजधानी बगदाद में स्थित अमेरिकी दूतावास परिसर के पास सी रैम एयर डिफेंस सिस्टम से जुड़ी एक यूनिट को भी मिसाइल से निशाना बनाए जाने की खबर है।
