नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में कमाल हो रहा है। 23 अप्रैल को पहले चरण में 152 सीटों के लिए मतदान होना है और सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि 21 अप्रैल तक चुनाव आयोग पूरक मतदाता सूची जारी करे। सर्वोच्च अदालत ने गुरुवार, 16 अप्रैल को कहा कि 21 अप्रैल तक उन मतदाताओं को सूची में शामिल किया जाए, जिनकी अपीलों पर ट्रिब्यूनल में फैसला हो गया है। जिन लोगों की अपील पेंडिंग हैं, उन्हें वोट डालने की इजाजत नहीं होगी।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में 90.83 लाख वोटर्स के नाम काट दिए गए हैं। इन मतदाताओं की अपील सुनने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ट्रिब्यूनल बनाए गए हैं। गौरतलब है कि बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए दो चरण में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को वोटिंग होनी है। पहले फेज में जहां वोटिंग होनी है, वहां 21 अप्रैल तक मतदाताओं की अपील पर फैसला हो जाने पर वे वोट दे सकेंगे।
दूसरे चरण में जिन सीटों पर मतदान होना है वहां 27 अप्रैल तक अपील पर फैसला होने पर मतदाता वोट डाल सकेंगे। अदालत ने कहा है कि जैसे ही ट्रिब्यूनल नाम जोड़ने का आदेश देगा, इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर तुरंत सूची में संशोधन करें। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने गुरुवार को एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई की।
