west bengal politics

  • सड़क से अदालत तक

    कोलकाता की घटना संघीय ढांचे के चरमराने का संकेत है। संबंधित पक्ष ऐसे विवादों से सड़कों पर निपटने लगें, तो उसका अर्थ है कि बात संवैधानिक व्यवस्था के दायरे में नहीं रह गई है। आखिर इस तरह की नौबत क्यों आई? कोलकाता में आई-पैक के दफ्तर पर प्रवर्तन निदेशालय के छापे का मुकाबला मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सड़क पर उतर कर किया। ऐसा शायद पहली बार हुआ, जब एक केंद्रीय एजेंसी की कार्रवाई के बीच किसी मुख्यमंत्री ने इस तरह का दखल दिया हो। उस घटना के बाद से ममता बनर्जी और उनकी पार्टी ने इसको लेकर एक बड़ा राजनीतिक...

  • ममता से टकराव कहां तक जाएगा?

    वैसे पश्चिम बंगाल में भाजपा ने स्थायी टकराव बनाया है। उसके नेता शुभेंदु अधिकारी लगातार ममता बनर्जी की सरकार और उनकी पार्टी के खिलाफ लड़ते रहते हैं। य़ह ममता बनर्जी वाली राजनीति का ही विस्तार है। उन्होंने इसी तरह लेफ्ट शासन के खिलाफ लगातार आंदोलन किया था। लेकिन पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने ममता के खिलाफ टकराव बढ़ा दिया है। उनकी पार्टी के लिए चुनाव प्रबंधन का काम संभालने वाली एजेंसी आईपैक के कार्यालय और उससे जुड़े लोगों के घरों पर ईडी की छापेमारी ने ममता बनर्जी को मौका दिया कि वे भाजपा के खिलाफ सड़क पर...

  • मतुआ मतदाताओं को बरगला रहे हैं मंत्री

    पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा राजनीति अगर किसी एक जाति को लेकर हो रही है तो वह मतुआ समुदाय है। इसकी आबादी को लेकर भी कई तरह के भ्रम फैलाए गए हैं। मोटे तौर पर मतुआ आबादी 50 से 60 लाख है लेकिन एक से तीन करोड़ तक का दावा किया जाता है। 2011 की जनगणना के हिसाब से मतुआ आबादी 35 लाख थी। असल में पश्चिम बंगाल में 18 फीसदी दलित आबादी है, जिसमें सबसे ज्यादा 21 फीसदी राजबंशी हैं और उसके बाद 18 फीसदी के करीब नामशूद्र हैं, जिनमें मतुआ आते हैं। मतुआ समुदाय के लोग आजादी के...

  • जीना चाहते हैं इसलिए बीजेपी चाहते हैं

    कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल दौरे में शनिवार को यह नारा दिया। मतुआ समाज की बहुलता वाले ताहेरपुर में एक रैली को वर्चुअल तरीके से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने बांग्ला भाषा में कहा ‘बाचते चाई, ताई बीजेपी चाई’। इसका मतलब है कि जीना चाहते हैं इसलिए बीजेपी चाहते हैं। इस तरह प्रधानमंत्री मोदी ने अगले साल अप्रैल में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के चुनाव अभियान का आगाज कर दिया। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी दो दिन के बंगाल और असम दौरे पर हैं। पहले दिन उनको ताहेरपुर में रैली को संबोधित करना था।...

  • बांग्ला भद्रलोक के वोट की राजनीति

    नितिन नबीन के भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के देश की राजनीति पर कोई असर हो या नहीं हो लेकिन पश्चिम बंगाल की राजनीति में इसके असर की चर्चा शुरू हो गई है। ध्यान रहे नितिन नबीन कायस्थ हैं और कायस्थों की मौजूदगी पूर्वी भारत के राज्यों में ही है। बिहार, झारखंड के अलावा पश्चिम बंगाल और ओडिशा में ठीक ठाक संख्या में कायस्थ हैं। आबादी कम होने के बावजूद कायस्थ इन राज्यों की राजनीति को किसी न किसी रूप में प्रभावित करते रहते हैं। बीजू पटनायक और उनके बेटे नवीन पटनायक का लंबे समय तक ओडिशा में राज रहा...

  • बंगाल की लड़ाई बंगाल से बाहर हारेगी भाजपा!

    यह बात भारतीय जनता पार्टी के कई नेता खुद मानते हैं कि पश्चिम बंगाल की लड़ाई भाजपा वहां जमीन पर नहीं, बल्कि बाहर हारती है। इस बार भी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के नेता मान रहे हैं कि जमीन पर बदलाव के हालात हैं। लोग ममता बनर्जी की सरकार से उबे हुए हैं। हिंदू परेशान हैं और किसी तरह से बदलाव चाहते हैं। लेकिन समस्या यह है कि भाजपा के नेता इस तरह के काम करते हैं या इस तरह की बयानबाजी करते हैं, जिससे ममता बनर्जी को बंगाल की अस्मिता का मुद्दा बनाने का मौका मिल जाता है...

  • हुमायूं कबीर के खिलाफ उतरी भाजपा

    इस बात का इंतजार छह दिसंबर से हो रहा था कि कब भारतीय जनता पार्टी सामने आकर तृणमूल से निकाले गए विधायक हुमायूं कबीर से बाबरी मस्जिद बनवाने पर बयान देती है। पार्टी अब खुल कर इसके विरोध में आ गई है। भाजपा के नेता अर्जुन सिंह खुल कर कहा है कि इस बाबरी मस्जिद का भी वही हस्र होगा, जो अयोध्या वाली मस्जिद का हुआ था। ध्यान रहे भाजपा अगर मैदान में उतर कर हुमायूं कबीर का विरोध नहीं करती तो बाबरी मस्जिद का मुद्दा नहीं बनने जा रहा था। इस पर राजनीति तभी तेज हो सकती थी जब...

  • बांग्ला अस्मिता के दांव की काट नहीं

    भारतीय जनता पार्टी बांग्ला अस्मिता के दांव की काट नहीं खोज पा रही है। पिछले विधानसभा चुनाव में भी ममता बनर्जी ने यह कार्ड बहुत होशियारी से खेला था। उस समय चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर उनके चुनाव का प्रबंधन देख रहे थे। उन्होंने खेला होबे का नारा दिया और साथ ही जय श्रीराम के बरक्स जय मां काली का नारा भी लगवाया। इस बार फिर ममता बनर्जी मां माटी मानुष के नारे पर काम कर रही हैं। उन्होंने 21 जुलाई को शहीद दिवस के कार्यक्रम में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव का एजेंडा तय कर दिया। उन्होंने फिर से...

  • ममता अभी से तैयारी में लग गईं

    बिहार में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चल रहा है। इसके बाद पश्चिम बंगाल की बारी है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कह दिया है कि बिहार के बाद पश्चिम बंगाल और असम में गहन पुनरीक्षण होगा। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। उसके बाद देश के अलग अलग हिस्सों में मतदाता सूची की सफाई का काम होगा। चुनाव आयोग ने सभी राज्यों को इसके लिए तैयार रहने को कहा है। चुनाव आयोग को अब सुप्रीम कोर्ट का भी साथ मिल गया है। बिहार में पुनरीक्षण को चुनौती देने वाली...

  • गांगुली ने पहले ही राजनीति से दूरी बना ली

    भारतीय क्रिकेट टीम के सर्वकालिक महान कप्तान और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष सौरव गांगुली ने पहले ही राजनीति से दूरी बना ली है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव आ रहे हैं और इससे पहले की पार्टियां उनको राजनीति में घसीटने या अपनी पार्टी में शामिल करने का अभियान चलाएं उन्होंने कह दिया है कि वे राजनीति में नहीं जाना चाहते हैं। हालांकि पहले भी वे कई बार यह बात कह चुके हैं और सभी पार्टियों के नेताओं की निजी बातचीत में भी स्पष्ट कर चुके हैं कि उनको राजनीति में नहीं जाना है। फिर...

  • दिलीप घोष क्या भाजपा छोड़ने वाले हैं?

    पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के सामने एक बड़ा संकट आता दिख रहा है। कहा जा रहा है कि लोकसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भाजपा को तोड़ने की कोशिश में हैं। हालांकि इसमें कितनी कामयाबी मिलेगी यह नहीं कहा जा सकता है लेकिन फिलहाल एक नाम ऐसा दिख रहा है, जो अपनी पार्टी से दूरी बनाए हुए है। वह नाम है पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व सांसद दिलीप घोष का। वे पिछले कुछ दिनों से पार्टी से नाराज चल रहे हैं। उनकी नाराजगी इतनी बढ़ गई है कि वे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रम में...

  • अभिषेक विदेश में, देश में ममता पर हमला

    तृणमूल कांग्रेस के सांसद और पार्टी के नंबर दो नेता अभिषेक बनर्जी विदेश में हैं। पहलगाम हमले के बाद हुई सैन्य कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर पर भारत का पक्ष दुनिया को बताने गए सरकारी डेलिगेशन में अभिषेक भी गए हैं। ममता बनर्जी ने खुद इस अभियान के लिए अपने भतीजे का चयन किया। सरकार ने तो पहली बार के सांसद यूनुस पठान को चुना था। उधर अभिषेक दुनिया के देशों के बीच भारत का पक्ष रख रहे हैं और भारतीय सेना के शौर्य का गुणगान कर रहे हैं तो इधर देश में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ममता बनर्जी को...

  • ठीकरा फोड़ने की ममता की राजनीति

    पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी को एक बार जिस दांव से सफलता मिल चुकी है वे फिर उसी दांव को आजमाने का प्रयास कर रही हैं। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने फिर बांग्ला अस्मिता का दांव चला है और इस बार भी निशाने पर अमित शाह हैं। गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव यानी 2021 में ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को बाहरी बता कर बांग्ला बनाम बाहरी का दांव खेला था। उन्होंने भाषा और धर्म दोनों का इस्तेमाल किया था। ममता बनर्जी...

  • शिक्षकों के मामले में ममता, राहुल एक साथ

    पश्चिम बंगाल के 25 हजार से ज्यादा शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की नियुक्ति रद्द करने के हाई कोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर के बाद राज्य में राजनीति तेज हो गई है। ध्यान रहे पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं और एक साथ इतनी बड़ी संख्या में लोगों की नियुक्ति रद्द होने का बड़ा असर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की राजनीति पर पड़ेगा। चूंकि ममता सरकार के मंत्री रहे पार्थ चटर्जी इस मामले में पकड़े गए हैं और उनके ठिकानों पर छापेमारी में 20 करोड़ रुपए से ज्यादा की नकदी जब्त हुई है। इसलिए...

  • कल्याण बनर्जी पर गिरेगी गाज

    महुआ मोइत्रा के खिलाफ कल्याण बनर्जी की नाराजगी सबको पता है। लेकिन इस बार वे सिर्फ उनसे नहीं लड़ रहे हैं, बल्कि उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेता सौगत राय और भाजपा, कांग्रेस से होकर तृणमूल में आए सांसद कीर्ति आजाद से भी लड़ लिए हैं। इसके अलावा पार्टी के कई और नेताओं ने भी उनके खिलाफ मोर्चा खोला है। ऊपर से वक्फ संशोधन बिल पर विचार करने वाली संयुक्त संसदीय समिति यानी जेपीसी में उन्होंने जो नाटक किए थे उससे भी उनके बारे में अच्छी धारणा नहीं है। संसद परिसर में नरेंद्र मोदी की नकल उतार कर भी वे काफी...

  • सुवेंदु नहीं संभाल पा रहे हैं विधायकों को

    पश्चिम बंगाल में 2021 में भारतीय जनता पार्टी के 77 विधायक जीते थे लेकिन अब उसके पास 65 विधायक बचे हैं। नौ विधायकों ने पाला बदल कर ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया तो बाकी विधायक लोकसभा का चुनाव लड़ कर सांसद बन गए। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल ने भाजपा को एक और झटका दिया है। उसकी दो बार की विधायक तापसी मंडल ने पार्टी छोड़ दी है और तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गई हैं। वे पहले सीपीएम में थीं और उनको पश्चिम बंगाल में भाजपा विधायक दल के नेता...

  • अभिषेक बनर्जी पर कार्रवाई की चिंता नहीं

    पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच कर रही केंद्रीय एजेंसी सीबीआई ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद और ममता बनर्जी की भतीजे अभिषेक बनर्जी का नाम आरोपपत्र में शामिल  किया है। सीबीआई की ओर से दायर एक पूरक आरोपपत्र में उनका नाम शामिल किया गया है। पहले दिन पार्टी ने इसका विरोध किया और इसे राजनीतिक बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताया। लेकिन उसके बाद पार्टी ने इस मामले की अनदेखी करने का रास्ता अपनाया है। तृणमूल कांग्रेस अगले साल होने वाले चुनावों के लिए दूसरे राजनीतिक अभियान में लग गई है। वह मतदाता सूची की जांच...

  • बंगाल में भाजपा को चेहरे की तलाश

    bjp west bengal : पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं और उससे पहले भारतीय जनता पार्टी के चुनाव अभियान का नेतृत्व करने के लिए एक चेहरे की तलाश फिर शुरू हो गई है। पिछले कई बरसों से भाजपा बंगाल के लिए एक ऐसे चेहरे की तलाश कर रही है, जिसके दम पर वह ममता बनर्जी को चुनौती दे सके। भाजपा को यह बात समझ में आ गई है कि ममता बनर्जी बांग्ला अस्मिता के जिस दांव पर चुनाव लड़ती हैं उसकी काट अभी उसके पास नहीं है। पार्टी के अपने जो पुराने नेता हैं, जिनमें राहुल सिन्हा से लेकर...

  • अभिषेक की भूमिका क्यों नहीं बढ़ा रहीं ममता?

    यह बड़ा सवाल है, जिस पर कोलकाता से लेकर दिल्ली तक चर्चा होती है। सबको पता है कि तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उत्तराधिकारी उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी हैं। लेकिन ममता एक सीमा से आगे उनकी भूमिका नहीं बढ़ाती हैं। वे पार्टी के सांसद हैं और महासचिव हैं। लेकिन जिस तरह से देश के दूसरे प्रादेशिक क्षत्रपों ने अपने उत्तराधिकारियों को अपने जीवनकाल में ही सरकार में स्थापित किया उस तरह से ममता बनर्जी नहीं कर रही हैं। उलटे अगर कोई इस तरह की बात करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई कर दी...

  • अधीर रंजन चौधरी बने रहेंगे बागी

    कांग्रेस पार्टी ने पश्चिम बंगाल में प्रदेश अध्यक्ष बदल दिया है। अधीर रंजन चौधरी की जगह शुभंकर सरकार को कांग्रेस ने नया अध्यक्ष बनाया है। लोकसभा चुनाव हारने के साथ ही अधीर रंजन चौधरी का नेता प्रतिपक्ष का पद समाप्त हो गया था और अब वे अध्यक्ष पद से भी हटा दिए गए हैं। इसके बावजूद उनके बागी तेवर कायम रहेंगे। उन्होंने कह दिया है कि ममता बनर्जी की सरकार के खिलाफ उनका अभियान जारी रहेगा। यह बात उन्होंने इसके बावजूद कही है कि राज्य के नए प्रदेश अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने ममता बनर्जी की सरकार की तरह दोस्ती का...

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