पश्चिम बंगाल में 2021 में भारतीय जनता पार्टी के 77 विधायक जीते थे लेकिन अब उसके पास 65 विधायक बचे हैं। नौ विधायकों ने पाला बदल कर ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया तो बाकी विधायक लोकसभा का चुनाव लड़ कर सांसद बन गए। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल ने भाजपा को एक और झटका दिया है। उसकी दो बार की विधायक तापसी मंडल ने पार्टी छोड़ दी है और तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गई हैं। वे पहले सीपीएम में थीं और उनको पश्चिम बंगाल में भाजपा विधायक दल के नेता सुवेंदु अधिकारी का करीबी माना जाता है। मंडल ने कहा है कि भाजपा विभानजकारी और भड़काऊ राजनीति कर रही है इसलिए उन्होंने पार्टी छोड़ दी।
दूसरी ओर सुवेंदु अधिकारी का कहना है कि भाजपा छोड़ कर तृणमूल में शामिल हुए तीन विधायकों ने लोकसभा का चुनाव लड़ा लेकिन जीत नहीं सके। उन्होंने तापसी मंडल के पार्टी छोड़ने को ज्यादा तवज्जो नहीं देने की बात कही। लेकिन पार्टी आलाकमान को इसकी चिंता हो रही है। कहा जा रहा है कि सुवेंदु अधिकारी संगठन और विधायक दल पर नियंत्रण नहीं रख पा रहे हैं। वे ज्यादा से ज्यादा सांप्रदायिक बयान दे रहे हैं लेकिन संगठन नहीं संभल रहा है। उनको विधायक दल का नेता बना कर प्रदेश का सबसे बड़ा नेता बनाने के बाद हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा आधी सीटों पर आ गई। नौ विधायक पार्टी छोड़ कर गए हैं वह अलग। भाजपा छोड़ने वालों में मुकुल रॉय, कृष्णा कल्याणी, बिस्वजीत दास, मुकुट मणि अधिकारी जैसे नाम हैं। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में 2026 के मई में विधानसभा का चुनाव होना है।
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