बांग्ला अस्मिता के दांव की काट नहीं
भारतीय जनता पार्टी बांग्ला अस्मिता के दांव की काट नहीं खोज पा रही है। पिछले विधानसभा चुनाव में भी ममता बनर्जी ने यह कार्ड बहुत होशियारी से खेला था। उस समय चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर उनके चुनाव का प्रबंधन देख रहे थे। उन्होंने खेला होबे का नारा दिया और साथ ही जय श्रीराम के बरक्स जय मां काली का नारा भी लगवाया। इस बार फिर ममता बनर्जी मां माटी मानुष के नारे पर काम कर रही हैं। उन्होंने 21 जुलाई को शहीद दिवस के कार्यक्रम में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव का एजेंडा तय कर दिया। उन्होंने फिर से...