कोलकाता। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका पर सुनवाई करते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट ने भवानीपुर विधानसभा सीट पर मतदान और मतगणना से जुड़े सभी अहम सबूतों को सुरक्षित रखने का आदेश दिया है। ममता ने मतदान से लेकर मतगणना तक में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। उनके आरोपों पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि ईवीएम, वीवीपैट और सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य सभी संबंधित रिकॉर्ड संरक्षित रखे जाएं।
जस्टिस गौरांग कंठ ने मतगणना केंद्र बनाए गए शेखावाटी मेमोरियल स्कूल के अंदर और बाहर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया। कोर्ट ने मंगलवार को कहा, जरूरत पड़ने पर इन सभी सबूतों की जांच होगी। अदालत की अनुमति के बिना इन्हें न तो मिटाया जाएगा, न बदला जाएगा, न नष्ट किया जाएगा और न ही इनके साथ किसी तरह की छेड़छाड़ की जाएगी।
इसके साथ ही हाई कोर्ट ने इस मामले में सभी संबंधित पक्षों को शामिल करने के आदेश दिए हैं। इसके तहत शुभेंदु अधिकारी, उनके सलाहकार सुब्रत गुप्ता और सुनील अग्रवाल को पक्षकार बनाया जाएगा। गौरतलब है कि भवानीपुर सीट पर शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15,105 वोटों से हराया था। ममता बनर्जी ने 16 जून को भवानीपुर सीट के चुनावी नतीजे को कलकत्ता हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। ममता खुद याचिका दाखिल करने हाई कोर्ट पहुंचीं और रिजल्ट की वैधता की जांच करने की मांग की।
ममता बनर्जी ने याचिका में आरोप लगाया है कि चुनाव गलत तरीके से हुआ है। उन्होंने यह भी कहा है कि 12 राउंड की गिनती के बाद उनके चुनाव एजेंट और उनको पीटा गया और बाहर कर दिया गया। गौरतलब है कि भवानीपुर सीट से ममता तीन बार विधायक रह चुकी हैं। मतगणना से पहले वे स्ट्रॉन्ग रूम तक भी गई थीं, जहां ईवीएम रखे गए थे। ममता वहां चार घंटे रही थीं।
