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मोदी, आरएसएस, चीन के कारण रूकी सोनिया की किताब

New Delhi, Apr 28 (ANI): Congress Parliamentary Party Chairperson Sonia Gandhi, during a meeting with a delegation from Progressive International, at 10 Janpath in New Delhi on Monday. (ANI Photo)

नई दिल्ली। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के संस्मरण, ‘बिलॉन्गिंगः अ जर्नी ऑफ लव’ के प्रकाशन से पेंग्विन इंडिया ने हाथ खींच लिया है। प्रकाशक की ओर से आधिकारिक रूप से एक बयान जारी करके कहा गया है कि वे सोनिया गांधी के संस्मरण की किताब नहीं छाप रहे हैं। पेंग्विन की ओर से कहा गया है कि प्रकाशक के नाते उसका अधिकार है कि वह फैक्ट चेक करे और तय करे कि किताब में क्या छपना चाहिए। हालांकि कांग्रेस ने इस बयान को खारिज करते हुए कहा कि किताब को पेंग्विन वर्ल्डवाइड ने छापा है इसलिए पेंग्विन इंडिया का बयान हास्यास्पद है।

इस बारे में अंग्रेजी अखबार ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ सोनिया गांधी के एक करीबी के हवाले से खबर दी है कि प्रकाशक ने किताब से कुछ हिस्से हटाने के लिए कहा था, जिसके लिए सोनिया गांधी तैयार नहीं हुईं। जानकार सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ और चीन को लेकर सोनिया ने कुछ बातें ऐसी लिखी हैं, जिन्हें हटाने को कहा गया था। कहा जा रहा है कि सोनिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपनी मुलाकात का विस्तृत ब्योरा लिखा है। उन्होंने अपने ऊपर मोदी की ओर से की गई जर्सी गाय वाली टिप्पणी के बारे में भी लिखा है।

सोनिया गांधी ने किताब में आरएसएस के बारे में क्या लिखा है यह पता नहीं चला है लेकिन कांग्रेस के जानकार नेताओं का कहना है कि सोनिया गांधी इस बात पर अड़ी हैं कि किताब उनके संस्मरण की है तो कोई दूसरा उनको नहीं बता सकता है कि वे क्या लिखें। सोनिया ने कहा है कि अपनी किताब में वे क्या लिखेंगी, यह वे ही तय करेंगी। इसके बाद उन्होंने प्रकाशक की ओर से बताए गए पैराग्राफ हटाने से इनकार कर दिया।

इस बीच यह भी खबर है कि पेंग्विन इंडिया ने भले हाथ खींच लिया है लेकिन पेंग्विन वर्ल्डवाइड इसे अब भी छापने को तैयार है। अमेरिकी प्रकाशन संस्थान अल्फ्रेड ए नॉफ ने कहा है कि इसे 10 नवंबर को सोनिया गांधी के जन्मदिन के मौके पर पूरी दुनिया में जारी किया जाएगा। यह भी खबर है कि हार्पर कॉलिन्स सोनिया गांधी के संस्मरण को छापने और भारत में वितरित करने के लिए तैयार है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।

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