ढाका। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी बीएनपी के अध्यक्ष तारिक रहमान देश के नए प्रधानमंत्री बन गए हैं। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने संसद भवन में तारिक को प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई। इसके साथ ही 18 महीने से चल रही अंतरिम सरकार का कार्यकाल खत्म हो गया। तारिक रहमान पहली बार प्रधानमंत्री बने हैं और 35 साल के बाद बांग्लादेश को पुरुष प्रधानमंत्री मिला है। भारत की ओर से लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने तारिक रहमान के शपथ समारोह में हिस्सा लिया।
बहरहाल, प्रधानमंत्री पद की शपथ से पहले मंगलवार को दोपहर में बीएनपी के सांसदों ने तारिक रहमान को संसदीय दल का नेता चुना था। गौरतलब है कि वे पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया और पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान के बेटे हैं। 17 साल तक लंदन में रहने के बाद वे दो महीने पहले ही बांग्लादेश लौटे थे। रहमान के अलावा उनकी सरकार में 49 लोगों को मंत्री बनाया गया है। मंगलवार को 25 कैबिनेट मंत्रियों और 24 राज्य मंत्रियों को भी पद की शपथ दिलाई है। इनमें एक हिंदू मंत्री निताई रॉय चौधरी भी शामिल है। वे कैबिनेट मंत्री बने। 25 कैबिनेट मंत्रियों में से 17 नए चेहरे हैं। सभी 24 राज्य मंत्री नए हैं।
गौरतलब है कि पिछले गुरुवार को हुए आम चुनाव में बीएनपी ने 299 में से 209 सीटें जीत कर बड़ा बहुमत हासिल किया। बहुमत का जादुई आंकड़ा डेढ़ सौ सीटों का है। तीन सीटों पर उसकी सहयोगी पार्टियों ने जीत हासिल की है। संसद सदस्यों के साथ साथ बांग्लादेश में जुलाई चार्टर पर जनमत संग्रह भी हुआ था, जिसमें देश के लोगों ने संविधान बदलाव पर वोट किया है। हालांकि इसे लेकर विवाद शुरू हो गया है। जुलाई चार्टर का मकसद देश में ताकत का एकाधिकार खत्म करना और संतुलन बनाना है। इससे प्रधानमंत्री की ताकत कम करने और राष्ट्रपति को अधिकार बढ़ाने के प्रावधान हैं। बीएनपी ने जुलाई चार्टर पर दस्तखत तो किए थे, लेकिन उसके नेता कई प्रावधानों पर आपत्ति जता रहे हैं। पार्टी का कहना है कि चार्टर तैयार करते समय उनसे सलाह नहीं ली गई थी।
