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मानसून देरी से आएगा और कम बरसेगा

Mandi, Jun 30 (ANI): The Beas river swells amid heavy rainfall, in Mandi on Monday. (ANI Photo)

नई दिल्ली। मौसम विभाग ने मानसून को लेकर अपनी भविष्यवाणी में बदलाव किया है। मौसम विभाग के मुताबिक पहले जितनी बारिश का अनुमान जारी किया गया था अब उससे कम बारिश होगी। यह देश के लिए चिंता की बात है। पहले कहा गया था कि इस साल मानसून में 80 सेंटीमीटर बारिश होगी। लेकिन बताया गया है कि इससे दो सेंटीमीटर कम बारिश होगी। गौरतलब है कि 87 सेंटीमीटर बारिश को सामान्य माना जाता है। इसका अर्थ है कि पहले सामान्य बारिश के मुकाबले 92 फीसदी बारिश की संभावना थी, जो अब 90 फीसदी बताई गई है। यह भी बताया गया है कि इस साल जून और जुलाई में हीटवेव चलने के आसार हैं। उस समय सामान्य से तीन डिग्री ज्यादा तापमान रह सकता है।

इसके साथ ही मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि मानसून की एंट्री में और देरी हो गई है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को बताया कि श्रीलंका के ऊपर कम दबाव वाली तूफानी हवाओं के चलते मानसून केरल तट से करीब 35 किलोमीटर दूर अटक गया है। यह पांच दिन से वही अटका है। यह भी कहा गया है कि अगले दो से तीन दिन इसके आगे बढ़ने के आसार नहीं हैं।

गौरतलब है कि केरल के तट पर मानसून पहुंचने की सामान्य तारीख एक जून मानी जाती है। इससे पहले मौसम विभाग ने 26 मई तक ही मानसून आने का अनुमान जताया था। ताजा अनुमान के मुताबिक अब यह सात दिन बाद केरल तट पर पहुंचेगा। इस तरह पिछले अनुमान से मानसून करीब 10 दिन बाद देश में एंट्री करेगा। I

मौसम विभाग ने बताया कि जून में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड में सामान्य से भी कम बारिश होगी। वहीं महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात के कुछ हिस्सों में सामान्य बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने बताया कि इस साल मानसून के कोर जोन में कम बारिश होगी। इस इलाके में खेती सबसे ज्यादा मानसून की बारिश पर निर्भर करती है। कम बारिश का सीधा असर फसलों और खाद्य उत्पादन पर पड़ता है। गौरतलब है कि मानसून कोर जोन मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र का विदर्भ, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और बिहार के इलाके आते हैं।

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