नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी वक्फ संशोधन बिल पर लोकसभा में नहीं बोले थे। उन्होंने उसकी कसर बुधवार, नौ अप्रैल को अहमदाबाद में कांग्रेस के 84वें अधिवेशन में निकाली। राहुल ने कांग्रेस अधिवेशन के दूसरे दिन अपने भाषण में वक्फ कानून को लेकर बड़ी बात कही। उन्होंने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए वक्फ कानून को संविधान विरोधी बताया। राहुल ने कहा कि यह संविधान पर हमला है। उन्होंने एक दिन पहले मंगलवार को कहा था कि कांग्रेस मुस्लिमों के बारे में बोलती है तो उसे मुस्लिमपरस्त कहा जाता है लेकिन कांग्रेस कांग्रेस कार्यकर्ताओं को इससे पीछे नहीं हटना है।
अधिवेशन के दूसरे दिन बुधवार को राहुल ने कहा, ‘कुछ दिन पहले बीजेपी ने लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पास किया। यह फ्रीडम ऑफ रिलीजन, संविधान पर हमला है’। उन्होंने आरएसएस की पत्रिका के एक लेख का हवाला देते हुए कहा, ‘आरएसएस के मुखपत्र ‘ऑर्गेनाइजर’ में लिखते हैं कि क्रिश्चियंस पर आक्रमण करने जा रहे हैं। ये एंटी रिलीजन बिल है। ये देश के सभी लोगों को मालूम होना चाहिए’।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए राहुल ने कहा, ‘बांग्लादेश के नेता भारत के खिलाफ बयान दे रहे हैं। भारत के प्रधानमंत्री वहां के नेता से मिले। उनके मुंह से एक शब्द नहीं निकला। कहां गई 56 इंच की छाती’। गौरतलब है कि अधिवेशन के पहले दिन चार घंटे तक कांग्रेस कार्य समिति की बैठक हुई थी। दूसरे दिन साबरमती रिवरफ्रंट पर मुख्य अधिवेशन हुआ, जिसमें देश भर से 17 सौ से अधिक कांग्रेस प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। अधिवेशन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी शामिल हुए। लेकिन प्रियंका गांधी वाड्रा नहीं पहुंचीं।
राहुल ने अपने भाषण में पार्टी नेताओं से कहा कि वे जिला अध्यक्षों को संगठन की नींव बनाएं, उसकी शक्ति बनाएं। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से कहा, ‘आप सभी को लड़ना है। ये आसान नहीं है। उनके पास धन हैं, देश के सारे इंस्टीट्यूशंस हैं। उनके पास सब कुछ है, लेकिन जीत हमारी होगी, हमारे साथ जनता का प्यार है’। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा और आरएसएस से सिर्फ कांग्रेस लड़ सकती है। राहुल ने कहा, ‘जिस पार्टी के पास विचारधारा, क्लैरिटी नहीं है, वो बीजेपी-आरएसएस के सामने खड़ी नहीं हो सकती। जिसके पास विचारधारा है, वही बीजेपी-आरएसएस के सामने खड़ी हो सकती है, वही उन्हें हराएगी।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने भाषण में ईवीएम पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार ने ऐसी तकनीक बनाई है, जिससे उन्हें फायदा हो और विपक्ष को नुकसान। उन्होंने कहा कि चुनाव बैलेट पेपर से होना चाहिए, ईवीएम से नहीं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र चुनाव भी भाजपा धोखे से जीती है। खड़गे ने आगे कहा, ‘सब कुछ पता लगा लिया जाएगा, क्योंकि चोर चोरी करता है और आज नहीं तो कल पकड़ा जाएगा’। प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए खड़गे ने कहा, ‘नरेंद्र मोदी एक एक करके सार्वजनिक क्षेत्र को बेचकर अपने दोस्तों को दे रहे हैं और देश को बेचकर चले जाएंगे। जवाहरलाल नेहरू ने जो बनाया, उसे मोदी खत्म करना चाहते हैं, जबकि सरकार अपने उद्योगपति मित्रों को फायदा पहुंचा रही है’।