लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और उससे पहले ध्रुवीकरण के मुद्दों को धार दी जाने लगी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐलान किया है कि वे किसी को सड़क पर नमाज नहीं पढ़ने देंगे। ध्यान रहे बकरीद के एक हफ्ते रह गए और उससे पहले मुख्यमंत्री ने यह चेतावनी जारी की है। उन्होंने एक मीडिया समूह के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ने दी जाएगी। प्यार से मानेंगे ठीक है, नहीं मानेंगे तो दूसरा तरीका अपनाएंगे।
मुख्यमंत्री ने मुसलमानों से कहा, ‘नमाज पढ़नी है तो तय जगह पर पढ़िए। संख्या ज्यादा है तो शिफ्ट में पढ़ लीजिए। हम नमाज नहीं रोकेंगे, लेकिन सड़क पर अराजकता नहीं होने देंगे। सड़कें नमाज पढ़ने या किसी तरह की भीड़ जुटाने के लिए नहीं हैं’। उन्होंने आगे कहा, ‘लोग मुझसे पूछते हैं कि क्या यूपी में सड़कों पर नमाज होती है? मैं कहता हूं, कतई नहीं। सड़कें आम लोगों के चलने के लिए हैं। कोई भी आकर ट्रैफिक डिस्टर्ब करे, यह अधिकार किसी को नहीं है’।
योगी ने मुसलमानों से आबादी कम करने को भी कहा। उन्होंने कहा, ‘उन लोगों ने मुझसे कहा कि साहब कैसे होगा, हमारी संख्या ज्यादा है। हमने कहा, तुम्हारे घर में रहने की जगह नहीं है, तो संख्या कंट्रोल कर लो। सामर्थ्य नहीं है, तो क्यों बेकार में संख्या बढ़ाई जा रही है? सभी को सिस्टम से रहना होगा। सभी को कानून का राज मानना होगा’।
मुख्यमंत्री ने अपनी चेतावनी को असरदार बनाने के लिए बरेली में हुए बवाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘बरेली में लोगों ने हाथ आजमाया था, ताकत भी देख ली। कानून सभी के लिए बराबर है। किसी को भी सड़क जाम करने या अव्यवस्था फैलाने की छूट नहीं दी जाएगी’। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में सितंबर 2025 में ‘आई लव मोहम्मद’ को लेकर विवाद हुआ था। बरेली में मुस्लिम नेता मौलाना तौकीर रजा ने नमाज के बाद धरना प्रदर्शन का ऐलान किया था। पुलिस ने रोका तो पथराव हो गया था। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया था।
