Naya India-Hindi News, Latest Hindi News, Breaking News, Hindi Samachar

ईरान ने अमेरिका को सैन्य कार्रवाई की कीमत चुकाने की चेतावनी दी

ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रेज़ाई ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि उसकी किसी भी कार्रवाई का करारा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ईरान ने अभी तक अपनी पूरी क्षमता का उपयोग नहीं किया है और अगर संघर्ष जारी रहता है तो वह अपनी जवाबी कार्रवाई को और तेज करने के लिए तैयार है।

ईरान के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी के अनुसार, श्री रेज़ाई ने गुरुवार को कहा अगर कूटनीति माध्यम से बात बन सकती है तो हम कूटनीति को ही प्राथमिकता देंगे लेकिन अगर युद्ध जारी रहता है तो ईरान के पास जवाब देने के लिए ज़रूरी साधन मौजूद हैं।

श्री रेज़ाई ने चेतावनी दी कि लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों पर दूरगामी प्रभाव डाल सकते हैं। उन्होंने कहा कि कीमतें एवं आपूर्ति कई वर्षों तक अस्थिर रह सकती हैं। उन्होंने कहा मौजूदा स्थिति के बने रहने के रणनीतिक परिणाम होंगे और अगले तीन वर्षों तक ऊर्जा बाजार अशांत रहेंगे।

उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ की एक रिपोर्ट के बाद तनाव और बढ़ गया है जिसमें कहा गया था कि अमेरिका और इज़रायल ने अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान पर फिर से हमला करने की योजना तैयार की है। इस बीच, ईरान ने एक ऐसे हथियार को सामने लाने की धमकी दी है जिसे वह ‘फादर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ कहता है। इससे पश्चिम एशिया में संघर्ष और ज्यादा बढ़ने की चिंताएं उत्पन्न हो गई हैं।

श्री रेज़ाई ने यह भी दावा किया कि ईरान ने संघर्ष के शुरुआती चरणों में अपनी कुछ सैन्य क्षमताओं को रोक कर रखा था और लड़ाई की तीव्रता के आधार पर वह और अधिक संसाधनों को मैदान में उतार सकता है।

श्री रेज़ाई ने आगे कहा कि यह संघर्ष क्षेत्रीय संबंधों को ईरान के पक्ष में ला रहा है। उन्होंने दावा किया कि खाड़ी देश ईरान के साथ अपने संबंधों पर पुनर्विचार कर रहे हैं और इस क्षेत्र में अपने सैन्य प्रतिष्ठानों की सुरक्षा करने की अमेरिकी क्षमता पर सवाल उठा रहे हैं।

Also Read : ईएएए इंडिया अल्टरनेटिव्स का आईपीओ 26 अक्टूबर को खुलेगा

उन्होंने आगे कहा कि कुछ खाड़ी देशों ने अमेरिकी सुरक्षा गारंटियों की प्रभावशीलता पर सवाल उठाना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि अमेरिका न केवल अपने सैन्य अड्डों बल्कि उनके इलाकों की भी रक्षा करेगा। इसके अलावा, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना ने अमेरिका को चेतावनी दी कि वह जहाजों को ऐसे समुद्री रास्ते से गुजरने के लिए प्रोत्साहित न करे जिसे उसने बारूदी सुरंगों वाला बताया है। साथ ही ईरान ने धमकी दी कि अगर ऐसी हरकतें जारी रहीं तो यह टकराव पूरे क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों तक फैल सकता है।

यह चेतावनी फारस की खाड़ी और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में समुद्री घटनाओं को लेकर चल रही प्रतिस्पर्धी दावों के बीच आई है जो वैश्विक ऊर्जा परिवहन के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है। आईआरआईबी के अनुसार, ईरानी नौसेना ने दावा किया कि उसने उत्तरी फारस की खाड़ी में तेल ले जा रहे चार जहाजों पर हमला किया और उनमें आग लगा दी जबकि पश्चिमी होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन अन्य जहाज बारूदी सुरंगों से टकरा गए।

ईरानी सेना ने कहा कि इन चार जहाजों को संचालित करने वाली कंपनियों को चेतावनी दी गई थी इसके बावजूद उन्होंने एक ऐसे रास्ते को पार किया जो अवैध मार्ग था। एक मीडिया चैनल को दिए गए साक्षात्कार में जब राष्ट्रपति ट्रम्प से बातचीत की स्थिति के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कुछ सीमित गतिविधियों की बात तो मानी लेकिन यह भी संकेत दिया कि इसका नतीजा अभी अनिश्चित है।

जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने ईरानी सरकार के साथ बातचीत बंद कर दी है तो श्री ट्रम्प ने कहा नहीं, मुझे नहीं लगता कि हम बातचीत कर रहे हैं। लेकिन किसी न किसी तरह से कुछ न कुछ तो होगा ही। यह बहुत जल्द होगा।

श्री ट्रम्प ने इस टकराव को ईरान के खिलाफ एक छोटा संघर्ष बताया और कहा कि अमेरिका सैन्य और आर्थिक रूप से अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। श्री ट्रम्प ने कहा मुझे लगता है कि हमारे प्रतिबंधों ने वहां के असली समझौते को खत्म कर दिया लेकिन ईरान के खिलाफ हम सैन्य एवं आर्थिक रूप से बहुत अच्छा कर रहे हैं।

श्री ट्रम्प ने यह नहीं बताया कि वह क्या कदम उठाने की सोच रहे हैं और न ही अमेरिका के अगले कदमों के लिए कोई समय-सीमा दी।

Pic Credit : UNI

Exit mobile version