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राहुल, प्रियंका पर कार्रवाई हुई तो कितनी सीटें

New Delhi, Dec 10 (ANI): (Combo Picture) Union Home Minister Amit Shah and Lok Sabha LoP Rahul Gandhi speak during the discussion on Election Reforms in the Lok Sabha during the ongoing Winter Session of the Parliament, in New Delhi on Wednesday. (Sansad TV/ANI Video Grab)

क्या भाजपा राहुल गांधी की लोकसभा की सदस्यता समाप्त कराएने और जीवन भर चुनाव लड़ने से रोकेगी? ऐसे ही क्या प्रियंका गाधी वाड्रा की भी सदस्यता खत्म कराने की पहल होगी? भाजपा की ओर से पहले राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने की चर्चा थी लेकिन उसको पता है कि उसमें पार्टी को शामिल होना होगा। यह भी सवाल था कि अगर सरकार के नीतिगत फैसलों की आलोचना के लिए विपक्ष के किसी सदस्य के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाया जाने लगे तो फिर यह बात बहुत दूर तक चली जाएगी। तभी पार्टी के एक सांसद निशिकांत दुबे की ओर से सबस्टेंसिव मोशन पेश कराया गया।

ध्यान रहे पहले सबस्टेंसिव मोशन पर यूपीए की पहली सरकार ने कई सांसदों की सदस्यता समाप्त की थी। उनके ऊपर पैसे लेकर सवाल पूछने के आरोप लगे थे। बाद में कमीशन लेकर एमपी फंड बेचने के आरोप में भी इस तरह का प्रस्ताव लाया गया। लेकिन राहुल गांधी का मामला अलग है। राहुल एक तो नेता विपक्ष हैं और दूसरे देश की मुख्य विपक्षी पार्टी के सर्वोच्च नेता हैं। उनके ऊपर जिस तरह के आरोप लगाए गए हैं उनका कोई बहुत मजबूत आधार नहीं है। फोर्ड फाउंडेशन से संबंध या जॉर्ज सोरोस के साथ संबंध रखना सदस्यता खत्म करने का आधार नहीं हो सकता। तभी ऐसा लग रहा है कि भाजपा सांसद की ओर से पेश किया गया प्रस्ताव का इस्तेमाल राहुल को डराने और दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर है। राइट विंग इकोसिस्टम के लोग यह भी कह रहे हैं कि अगर राहुल की सदस्यता चली जाती है तो प्रियंका गांधी वाड्रा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष बन जाएंगी। अगर ऐसा होगा तो पार्टी के अंदर पावर सेंटर बदल जाएगा। यानी इस तरह से राहुल से पीछा छूटने की भाजपा के नेता उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि ऐसा होने की संभावना बिल्कुल नहीं है।

वैसे भाजपा नेताओं का एक समूह प्रियंका के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग कर रहा है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा है कि कांग्रेस और विपक्ष के कई सांसद स्पीकर के चैंबर में चले गए थे। उन्होंने वहां गाली गलौज की। यह भी कहा गया कि विपक्षी सांसदों ने प्रधानमंत्री के खिलाफ अपशब्द कहे। दावा किया जा रहा है कि प्रियंका गांधी वाड्रा ने इसकी साजिश रची थी और उनके उकसाने पर ये सांसद स्पीकर के कक्ष में गए थे। इस आधार पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की बात है।

परंतु क्या भाजपा सचमुच ऐसा कर पाएगी? यदि ऐसा किया तो राजनीति पर उसका क्या असर होगा? ध्यान रहे पिछली लोकसभा के कार्यकाल में सूरत में मानहानि के एक मामले में राहुल गांधी को दो साल की सजा हुई थी। लोकसभा सचिवालय ने तत्काल उनकी सदस्यता रद्द कर दी थी। उनका तुगलक लेन का बंगला खाली करने को कहा गया। राहुल ने तत्काल बंगला खाली किया। बाद में ऊपरी अदालत ने सजा पर रोक लगा दी तो राहुल की सदस्यता भी बहाल हुई। उसके बाद फिर उनको वही बंगला आवंटित हुआ लेकिन वे उसमें रहने नहीं गए। अंत नतीजा क्या हुआ? बाद में हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की सीटें 52 से बढ़ कर 99 हो गईं। दो निर्दलीय सांसदों को मिला कर कांग्रेस की संख्या एक सौ पार कर जाती है। यानी एक बार राहुल की सदस्यता रद्द हुई तो कांग्रेस की सीटों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई। अब यदि उनकी सदस्यता फिर रद्द होती है या चुनाव लड़ने से रोका जाता है तो क्या कांग्रेस डेढ़ सौ पहुंच जाएगी? पता नहीं, सीटों की संख्या आकलन अभी संभव नहीं है। इतना तय है कि अगर राहुल की सदस्यता खत्म हुई,र उनको चुनाव लड़ने से रोका गया या सदन से भी निलंबित किया गया तो इससे कांग्रेस में नई ऊर्जा लौटेगी। विपक्षी पार्टियों के साथ देश के एक बड़े मतदाता समूह में भाजपा विरोधी नेता के तौर पर राहुल की पोजिशन मजबूत होगी। भाजपा के लेने के देन पड़ेगे।

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