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बिहार में कांग्रेस और राजद की चिंता

Patna, Oct 23 (ANI): Leader of Opposition in Bihar State Assembly, Tejashwi Yadav speaks during press conference with RJD Rajya Sabha MP Sanjay Yadav also present, in Patna on Thursday. (ANI Photo)

राज्यसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल के मुस्लिम विधायक फैसल रहमान ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने कहा कि उनकी मां की तबियत खराब थी, जिसकी वजह से वे दिल्ली में थे। हालांकि राजद उम्मीदवार अमरेंद्रधारी सिंह के लिए चुनाव प्रबंधन संभाल रहे फैसल अली ने कहा कि फैसल रहमान 15 मार्च की रात तक पटना में थे लेकिन 16 मार्च की सुबह वोट डालने नहीं गए। कहा जा रहा है कि किसी पुराने मर्डर केस की वजह से उनकी नस दबी हुई थी। इसी तरह कांग्रेस के तीन विधायकों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। गौरतलब है कि कांग्रेस के छह विधायक हैं, जिनमें से तीन विधायक सुरेंद्र कुशवाहा, मनोज विश्वास और मनोहर प्रसाद सिंह ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया। कांग्रेस ने ओडिशा और हरियाणा में राज्यसभा चुनाव में गड़बड़ी करने वाले विधायकों पर कार्रवाई कर रही है लेकिन बिहार में न कांग्रेस कार्रवाई कर रही है और न राजद की ओर से कोई कार्रवाई की जा रही है।

इसका कारण बहुत स्पष्ट है। बिहार में राष्ट्रीय जनता दल के 25 विधायक हैं। इनके दम पर राजद को मुख्य विपक्षी पार्टी का दर्जा मिला है और तेजस्वी यादव को नेता प्रतिपक्ष बनाया गया है। अगर राजद की ओर से कार्रवाई की जाती है और फैसल रहमान को पार्टी से निकाला जाता है तो विधायकों की संख्या घट कर 24 हो जाएगी। बिहार विधानसभा 243 सदस्यों की है। इसमें मुख्य विपक्षी दल बनने के लिए 24 से ज्यादा विधायक की जरुरत है। अगर फैसल रहमान को पार्टी से निकाला तो तेजस्वी का नेता प्रतिपक्ष का दर्जा खत्म होगा। वैसे भी अब भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार आ रही है, जो राजनीति में लोकलाज और परंपरा का ध्यान रखने में विश्वास नहीं करती है। इसी तरह कांग्रेस को चिंता है कि छह में से तीन विधायकों को निकाल दिया तो क्या बचेगा। उसके बाद बचे हुए तीन विधायकों को संभालना भी मुश्किल होगा। तभी दोनों पार्टियां खामोश बैठी हैं।

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