पश्चिम बंगाल के चुनाव के नतीजे को लेकर जैसी तैयारी कोलकाता में हो रही है वैसी ही या उससे ज्यादा तैयारी झारखंड में हो रही है। बताया जा रहा है कि झारखंड भाजपा के नेताओं ने ट्रकों में भर कर पटाखे मंगाए हैं। भाजपा जीतती है तो आतिशबाजी की बड़ी तैयारी है। अब सवाल है कि बंगाल की जीत पर झारखंड भाजपा के नेता क्यों इतनी बड़ी आतिशबाजी का आयोजन कर रहे हैं? इसका कारण यह नहीं है कि भाजपा बंगाल जीत जाएगी या श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राज्य में भाजपा की सरकार बन जाएगी, जो दशकों का सपना है। इसका कारण यह है कि झारखंड भाजपा के नेताओं को लग रहा है कि बंगाल में अगर भाजपा जीतती है तो झारखंड में भी उसकी सरकार बनने की संभावना पैदा होगी।
ध्यान रहे भारतीय जनता पार्टी ने कुछ समय महीने पहले इसकी पहल की थी। कई सूत्रों से खबर आई थी कि भाजपा की ओर से कुछ लोग मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बात कर रहे हैं। हेमंत को तैयार किया जा रहा है कि वे भाजपा के साथ गठबंधन कर लें। हेमंत सोरेन को हालांकि अभी कोई समस्या नहीं है और उनके पास आदिवासी, ईसाई और मुस्लिम का एक बड़ा मजबूत वोट आधार बन गया है, जो भाजपा के साथ जाने पर बिखर सकता है।
फिर भी कानूनी मुकदमे से राहत और राज्य में कामकाज के लिए केंद्रीय मदद के नाम पर उनको तैयार किया जा रहा है। पिछले दिनों वे रांची के सांसद संजय सेठ की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां नरेंद्र मोदी की होर्डिंग्स के नीचे खड़े होकर उन्होंने भाषण दिया। भाजपा मान रही है कि ममता बनर्जी के हारने के बाद हेमंत सोरेन को अहसास हो जाएगा कि वे भाजपा को झारखंड जीतने से नहीं रोक सकते हैं। इसलिए वे भाजपा के साथ आएंगे और दोनों मिल कर कांग्रेस को पूरी तरह से समाप्त कर देंगे।
