Naya India-Hindi News, Latest Hindi News, Breaking News, Hindi Samachar

दिल्ली में सीजेपी का अलग आंदोलन

विपक्षी पार्टियों के गठबंधन ‘इंडिया’ ब्लॉक की 30 सितंबर की बैठक में तय किया गया कि दो से आठ अक्टूबर तो पूरे एक हफ्ते प्रदर्शन होगा और मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा मांगा जाएगा। इस प्रदर्शन के दौरान छह अक्टूबर को सभी विपक्षी पार्टियों के बड़े नेता निर्वाचन सदन की ओर मार्च करेंगे और घेराव करेंगे। इसके अलावा भी बैठक में कई प्रस्ताव मंजूर किए गए। इस बीच अलग अलग हिस्सों में प्रदर्शन चलता रहेगा। इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन का ऐलान कर दिया है। दो अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में हुए प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने ऐलान किया कि वे 10 अक्टूबर को दिल्ली आ रहे हैं।

हालांकि अभी यह तय नहीं है कि दिल्ली में किसी जगह पर उनको प्रदर्शन करना है या प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी है। अभी तक जंतर मंतर या किसी और जगह पर प्रदर्शन की इजाजत सीजेपी ने नहीं मांगी है। हालांकि उनको प्रदर्शन की इजाजत मिल जाती है। छह जून को भी जब दीपके अमेरिका से लौटे थे तब दिल्ली पुलिस ने हवाईअड्डे पर ही उनसे आवेदन लेकर जंतर मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति दे दी थी। यही शिवाजी पार्क के मामले में भी हुआ। पहले पुलिस ने परमिशन नहीं दी थी। लेकिन सीजेपी ने ऐलान किया कि अगर अनुमति नहीं मिली तो जेल भरो अभियान करेंगे। इसके बाद उनको अनुमति मिल गई।

तभी कहा जा रहा है कि भले लेफ्ट और आम आदमी पार्टी को जंतर मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली लेकिन हो सकता है कि सीजेपी को मिल जाए। बहरहाल, जो हो ऐसा लग रहा है कि पेपर लीक और परीक्षा में ग़ड़बड़ी के मामले में जिस तरह युवाओं की प्रतिनिथि आवाज सीजेपी बन गई थी वैसे ही मतदाताओं के मामले में भी सीजेपी के प्रदर्शन और उनकी अपील को ज्यादा तवज्जो मिल रही है। दिल्ली के मुकाबले मुंबई में ज्यादा व्यवस्थित प्रदर्शन हुआ, जिसका मैसेज पूरे देश में गया। यह कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियों के लिए चिंता की बात है। खास कर कांग्रेस के लिए, जो सोशल मीडिया में लड़ रही है, जबकि सीजेपी जमीन पर लड़ रही है।

Exit mobile version