भारतीय जनता पार्टी की नई टीम की जैसे ही घोषणा हुई वैसे ही एक कमाल का घटनाक्रम देखने को मिला। सोशल मीडिया के प्रभारी दीपक म्हस्के और उनके साथ सह प्रभारी बनाए गए चार लोग प्रीति गांधी, शिवानंद द्विवेदी, आलोक भट्ट और अरुण यादव के सोशल मीडिया अकाउंट डिएक्टिवेट हो गए। उनकी एक्सेस समाप्त कर दी गई। सब कयास लगाने लगे कि ऐसा क्या हो गया कि सोशल मीडिया की टीम का ही सोशल मीडिया अकाउंट बंद हो गया!
बताया जा रहा है कि इन सभी पांच लोगों के कई पुरानी पोस्ट्स हैं, जो बहुत आपत्तिजनक हैं। कई पोस्ट में इन लोगों ने नस्ली और लिंग भेद वाली टिप्पणियां की हैं। उन सबकी सफाई के लिए इनके अकाउंट्स को डिएक्टिवेट किया गया। लेकिन उससे पहले ही कांग्रेस के इकोसिस्टम के लोगों ने इनके पोस्ट्स के स्क्रीन शॉट्स ले लिए थे। उन पुराने पोस्ट्स को सोशल मीडिया में वायरल कराया जा रहा है। हालांकि जानकार सूत्रों का कहना है कि पार्टी की ओर से यह भी कहा गया है कि कोई नेता पुरानी पोस्ट को लेकर शर्मिंदा होने या माफी मांगने का काम नहीं करेगा। पुरानी बातें अपनी जगह हैं। कहा गया है कि अब उस तरह की पोस्ट नहीं करनी है।
