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कर्नाटक में एसआईआर में भी कांग्रेस आगे

Haveri, Jan 07 (ANI): Karnataka Deputy Chief Minister D K Shivakumar speaks during the inauguration of the Haveri Institute of Medical Sciences and foundation stone-laying ceremonies for various development projects, in Haveri on Wednesday. (@DKShivakumarX/ANI Photo)

जब से डीके शिवकुमार कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने हैं तब से कांग्रेस का कायाकल्प हो गया दिखता है। पहले कहा जा रहा था कि सिद्धारमैया को हटाने से गुटबाजी बढ़ेगी और शिवकुमार के लिए काम करना मुश्किल होगा। लेकिन उसका उलटा हो रहा है। शिवकुमार ने एमएलसी के चुनाव में भाजपा के 11 विधायकों से क्रॉस वोटिंग करा कर कांग्रेस का एक अतिरिक्त उम्मीदवार जिता लिया। अब राज्य में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में भी कांग्रेस बाजी मारती दिख रही है। भाजपा किसी तरह से उसकी बराबरी करने का प्रयास करती दिख रही है।

असल में एसआईआर की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही कर्नाटक की डीके शिवकुमार सरकार ने परमानेंट रेजिडेंसी सर्टिफिकेट देना शुरू कर दिया। इसका लाभ यह है कि अगर किसी व्यक्ति के पास कोई प्रमाणपत्र नहीं है तब भी उसे मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने में किसी तरह की परेशानी नहीं हो रही है। कांग्रेस के लोग इसे तू डाल डाल मैं पात पात वाला दांव बता रहे हैं। उनका कहना है कहना है कि अगर चुनाव आयोग चाहे तब भी किसी का नाम नहीं काट पाएगा। हालांकि पश्चिम बंगाल में भी ममता बनर्जी ने ऐसी व्यवस्था की थी। इसके बावजूद तार्किक विसंगति की एक श्रेणी बना कर 27 लाख से ज्यादा लोगों के नाम काट दिए गए थे। लेकिन ऐसा लग रहा है कि कर्नाटक की शिवकुमार सरकार ने इससे भी सबक लिया है।

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