कर्नाटक के छात्रों का हिंदी प्रेम
भाषा को लेकर चल रही राजनीति और तमिलनाडु से लेकर केरल व पश्चिम बंगाल तक भाषायी अस्मिता के मुद्दे पर हो रहे चुनाव के बीच कर्नाटक से अच्छी खबर है। एक रिपोर्ट के मुताबिक कर्नाटक में 93 फीसदी छात्रों ने तीसरी भाषा के तौर पर हिंदी को चुना है। यह बहुत बड़ी संख्या है और ऐसे राज्य में जहां कांग्रेस पार्टी की सरकार कन्नड़ भाषा को प्रमोट करने के नाम पर हिंदी विरोध की राजनीति को आगे बढ़ाती रही है। कुछ समय पहले ही इस बात का आंदोलन शुरू हुआ था कि मेट्रो से लेकर हर स्टेशन पर और बस...