रामलीला मैदान की रैली सिर्फ कांग्रेस पार्टी की नहीं है। भले कांग्रेस ने इसकी प्लानिंग की और कांग्रेस सबसे ज्यादा तैयारी कर रही है। लेकिन यह रैली ‘इंडिया’ ब्लॉक की है। बताया जा रहा है कि रैली का फैसला भी सभी पार्टियों की सहमति से किया गया है। इसके बाद कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल को समन्वय का जिम्मा दिया गया। वे सभी पार्टियों से संपर्क में है। रैली को सफल बनाने में सबसे बड़ी भूमिका उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी की मानी जा रही है। अगर सपा चाहे तो इस रैली में बड़ी संख्या में लोगों को ला सकती है।
सपा की ओर से रैली की तैयारी की जा रही है। उसके लोग रैली में शामिल होंगे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सपा की टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे नेता अपने साथ भीड़ लेकर पहुंचेंगे। उधर बिहार में राष्ट्रीय जनता दल ने भी अपने कार्यकर्ताओं से दिल्ली चलने की अपील की है। पार्टी की ओर से दो पन्नों की एक चिट्ठी जारी की गई है, जिसमें चुनाव आयोग की गड़बड़ियां बताई गई हैं और लोगों से रामलीला मैदान की रैली में शामिल होने को कहा गया है। कहा जा रहा है कि राजद के लोग दिल्ली में भी बिहार के लोगों को मोबिलाइज कर रहे हैं। ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस इस रैली का हिस्सा है। लेकिन पश्चिम बंगाल से ज्यादा लोगों को लाना संभव नहीं है। आम आदमी पार्टी रैली से दूर रहेगी। अगर आप भी रैली में शामिल होती तो दिल्ली से बड़ी संख्या में लोग जुट सकते थे। लेकिन आप और कॉकरोच जनता पार्टी अलग प्रदर्शन कर रहे हैं। लेफ्ट पार्टियों के छात्र संगठन भी रैली को सफल बनाने के लिए तैयारी कर रहे हैं।
