इस बात की चर्चा बहुत जोर शोर से चल रही है कि केसी वेणुगोपाल की विदाई होगी। उनकी जगह राहुल गांधी नया संगठन महासचिव नियुक्त करेंगे। यह भी कहा जा रहा है कि केरल में मुख्यमंत्री बनने के लिए उन्होंने जितना जोर लगाया वह उनके खिलाफ गया है। अगर वे बहुत जोर नहीं लगाते, अपनी दावेदारी पेश नहीं करते तो हो सकता है कि वे मुख्यमंत्री भी बन जाते और अगर नहीं बनते तो कम से कम संगठन महासचिव की कुर्सी पर कोई खतरा नहीं आता। परंतु दावेदारी करके उन्होंने अपना नुकसान कर लिया है। राहुल गांधी को भी यह बात ठीक नहीं लगी और सोविया गांधी व प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इसे अच्छा नहीं माना है।
तभी कहा जा रहा है कि नए संगठन महासचिव की तलाश हो रही है। कई नामों की चर्चा है। उत्तर भारत से हिंदी भाषी और पिछड़ी जाति का कोई चेहरा लाने की बात हो रही है। कई लोगों ने सचिन पायलट के नाम की चर्चा की लेकिन समस्या यह है कि ढाई साल के बाद राहुल गांधी उनके नेतृत्व में राजस्थान का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। भूपेश बघेल के नाम की भी चर्चा है लेकिन उनके साथ भी यही समस्या है। राजस्थान और छत्तीसगढ़ दोनों का चुनाव नवंबर 2028 में ही होगा। अजय माकन को राहुल के भरोसे का आदमी माना जाता है। लेकिन वे पार्टी के कोषाध्यक्ष हैं। अगर संगठन महासचिव बनाया तो कोषाध्यक्ष के लिए एक भरोसा का आदमी खोजना होगा। डीके शिवकुमार के नाम की भी चर्चा हो रही है। माना जा रहा है कि वे कर्नाटक से निकले तो एक तीर से कई शिकार हो जाएंगे। सिद्धारमैया का रास्ता भी निष्कंटक होगा और पार्टी को एक मजबूत नेता राष्ट्रीय स्तर पर मिल जाएगा। इनके अलावा और भी कई नाम हैं और कांग्रेस के नेता भी अनौपचारिक बातचीत में कह रहे हैं कि राहुल चौंकाने वाला फैसला कर सकते हैं। लेकिन ऐसा लग रहा है कि वेणुगोपाल के रिप्लेसमेंट की तलाश चल रही है।
