कर्नाटक में कांग्रेस की राजनीति अभी गरमा रही थी। सिद्धारमैया सक्रिय हुए थे और अपने अहिंदा वोट आधार पर फिर से जगाना शुरू किया था। इस बीच राज्य में ईडी की एंट्री हो गई है। यह बहुत दिलचस्प घटनाक्रम है क्योंकि ईडी ने जिनको निशाना बनाया है वे पहले सिद्धारमैया के सबसे बड़े समर्थक थे और जबसे डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री बने हैं तब से वे उनके साथ हो गए हैं। बेलगावी इलाके में सबसे ज्यादा असर रखने वाले जरकिहोली परिवार के सतीश जरकिहोली के यहां ईडी ने छापा मारा है। उनके साथ साथ उनकी सांसद बेटी प्रियंका और कई अन्य लोगों के यहां भी ईडी की छापेमारी हुई है।
यह पूरा घटनाक्रम इसलिए भी दिलचस्प है कि, जिस दिन डीके शिवकुमार की सरकार के एक सौ दिन पूरे हुए उससे एक दिन पहले छापेमारी हुई। कांग्रेस के नेता कह रहे हैं कि यह रंग में भंग डालने वाला घटनाक्रम हो गया। गौरतलब है कि सतीश जरकिहोली अनुसूचित जनजाति समाज से आते हैं और उनका परिवार बहुत असरदार है। उनके परिवार के छह सदस्य अलग अलग पार्टियों से एमएलए, एमएलसी या सांसद हैं। वे सिद्धारमैया के अहिंदा समीकरण के सबसे बड़े समर्थक थे और डीके शिवकुमार के सीएम बनने के विरोधी थे। लेकिन सीएम बनने के बाद शिवकुमार ने उनको इस तरह से साधा कि वे उनके समर्थक बन गए। इससे सिद्धारमैया भी उनसे नाराज थे। कांग्रेस के अंदर चल रही इस खींचतान के बीच ईडी ने जरकिहोली के यहां छापा मार कर एक नया आयाम खोल दिया है।
